अंकित पाण्डेय,अमेठी: अमेठी में राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर जिला प्रशासन की भूमिका पर सियासत गरमा गई है। जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन पर कथित दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता अनिल सिंह ने पूछा कि जब विपक्ष जनता की आवाज उठाता है तो पुलिस बल तैनात कर कांग्रेस कार्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया जाता है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
विपक्ष के प्रदर्शन पर सख्ती, सत्ता पक्ष पर क्या रुख?
अनिल सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भारी तैनाती की जाती है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन को लेकर प्रशासन की कार्रवाई और सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसी कथित अंतर को प्रशासन के दोहरे रवैये का मुद्दा बनाया है।
‘कानून सबके लिए समान होना चाहिए’
कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल किया कि क्या अमेठी में कानून सभी राजनीतिक दलों के लिए समान है या सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नियम लागू किए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह राजनीतिक पक्ष देखकर नहीं, बल्कि नियमों और कानून के आधार पर कार्रवाई करे।
प्रशासन से निष्पक्षता बरतने की मांग
अनिल सिंह ने जिला प्रशासन से सत्ता के दबाव से मुक्त होकर काम करने और सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई में निष्पक्षता दिखनी चाहिए, ताकि किसी दल को भेदभाव की शिकायत का अवसर न मिले।
लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी कथित दोहरे रवैये के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की बात कही। अब इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका और उसका पक्ष महत्वपूर्ण होगा।