बृजेश कबीर, हरदोई: बिजली विभाग की बिलिंग व्यवस्था फिर सवालों में है। पिहानी क्षेत्र के एक घरेलू उपभोक्ता को एक किलोवाट के कनेक्शन पर 3.41 लाख रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। सामान्यतयाः बेहद कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ता के बिल में अचानक 59,753 यूनिट खपत दर्ज होने से वह हैरान रह गया। इसने बिल की जांच कर संशोधित बिल जारी करने की मांग की है।
कहां का है मामला?
मामला मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के विद्युत वितरण उपखंड (ईडीएसडी)-द्वितीय, पिहानी का है। 28 जुलाई को जारी बिल के अनुसार उपभोक्ता का स्वीकृत भार एक किलोवाट है, जबकि बिल में 59,753 यूनिट बिजली की खपत दर्शाई गई है। इसके आधार पर कुल देय राशि 3,41,076 रुपये निर्धारित की गई है। बिल के पिछले छह माह के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो खपत सामान्य रही है। फरवरी में 15 यूनिट, मार्च में 21 यूनिट, अप्रैल में 22 यूनिट और मई में 23 यूनिट दर्ज हैं। इसके बाद जुलाई के बिल में अचानक 59,753 यूनिट की खपत दर्ज होने से बिलिंग प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। बिल में 14 मई 2026 की मीटर रीडिंग 2,297 तथा 28 जुलाई 2026 की वर्तमान रीडिंग 62,050 अंकित है। इन्हीं रीडिंग के आधार पर 59,753 यूनिट की खपत दर्शाते हुए लाखों रुपये का बिल जारी किया गया है।
लाखों का बिल, चिंता में परिवार
उपभोक्ता का कहना है कि घरेलू उपयोग में इतनी अधिक बिजली की खपत संभव ही नहीं है। अचानक लाखों रुपये का बिल आने से परिवार चिंता में है। उन्होंने विद्युत विभाग से मीटर रीडिंग और बिलिंग रिकॉर्ड की जांच कराते हुए त्रुटि होने पर संशोधित बिल जारी करने की मांग की है।
रिकॉर्ड से नहीं खा रहा हिसाब
स्वीकृत भार: 1 किलोवाट
फरवरी 2026: 15 यूनिट
मार्च 2026: 21 यूनिट
अप्रैल 2026: 22 यूनिट
मई 2026: 23 यूनिट
जुलाई 2026 के बिल में: 59,753 यूनिट
कुल देय राशि: 3,41,076