आमखुट में संघ शताब्दी वर्ष पर भव्य हिंदू सम्मेलन

आमखुट में संघ शताब्दी वर्ष पर भव्य हिंदू सम्मेलन

By : Swadesh Bhopal
आमखुट में संघ शताब्दी वर्ष पर भव्य हिंदू सम्मेलन

अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख ने संबोधित किया, समाज को परिवार की तरह संगठित रहने का आह्वान

संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर आमखुट मंडल, कट्ठीवाड़ा खंड में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर विधिवत रूप से की गई। अंत में भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

मंचासीन अतिथियों में पूज्य संत घनश्यामदासजी महाराज, महंत पंचमुखी हनुमान मंदिर, आलीराजपुर; दीपिका कनेश दीदी; और मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक उपस्थित रहे।

भगवान श्रीराम का त्याग और वनवासी जीवन देता है प्रेरणा

सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने कहा कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर देशभर में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय तक परतंत्र रहा, जिसका कारण आपसी भेदभाव, जातिवाद और समाज में बिखराव था।

इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने युवाओं के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की, जो आज वटवृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हिंदू कहलाने में संकोच होता था, लेकिन आज वही समाज गर्व के साथ स्वयं को हिंदू कहता है। कठिन तपस्या, त्याग और सेवा भाव के कारण आज हिंदू समाज संगठित हुआ है।

देशभर में 80 हजार से अधिक शाखाएं संचालित हो रही हैं। प्राकृतिक आपदा हो या मानव निर्मित संकट, संघ के स्वयंसेवक सदैव सबसे पहले सेवा कार्य में आगे रहते हैं।

जनजातीय समाज और भगवान श्रीराम का उदाहरण

सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने जनजातीय समाज की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र स्वाभिमानी जनजातीय समाज का रहा है, जिसने सदैव समाज और राष्ट्र के लिए योगदान दिया है। रामायण काल में वनवासी समाज ने भगवान श्रीराम के साथ रहकर धर्मयुद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भगवान श्रीराम का त्याग, मर्यादा और वनवासी जीवन आज भी प्रेरणा देता है।

उन्होंने चेताया कि आज भी जनजातीय समाज को सेवा के नाम पर लोभ-लालच और प्रलोभन देकर उनका मतांतरण किया जा रहा है। लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके पूर्वज हिन्दू थे, और जो अपने मूल से दूर होंगे, वे कभी सफल नहीं हो पाएंगे।

मुख्य वक्ता ने कहा कि आज भी विदेशी शक्तियां ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाकर देश को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं।

हिंदुओं को संगठित होना होगा

सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने कहा, हम पहले क्या थे, अभी क्या हैं और आगे हमें कहां जाना है.इसका यथार्थ चिंतन करने के लिए हम आए हैं। एक समय हमारा देश भारत दुनिया का सिरमोर और विश्व गुरु था। आज अमेरिका दादागिरी कर रहा है और निरंकुश राष्ट्र बन गया है। भारत विश्व में ज्ञान फैलाता था। हमारा लक्ष्य था पूरी दुनिया को ज्ञान व सत्य का मार्ग दिखाना।

लेकिन हम बिखर गए, कमजोर हो गए, और आत्मकेंद्रित हो गए। हम और हमारा परिवार बस अपनी सीमाओं तक सीमित रह गए। एक-दूसरे की रक्षा करना हमारा स्वभाव खत्म हो गया। हम असंगठित हो गए, आक्रांता आए और हम पर विजय प्राप्त की।”


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