रवि काग, गंधवानी: धार जिले के गंधवानी क्षेत्र के होनहार युवा हर्ष शंकरलाल सोलंकी ने अपनी मेहनत, लगन, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) सहायक कमांडेंट परीक्षा-2025 में अखिल भारतीय पाँचवीं रैंक प्राप्त कर गंधवानी, धार जिले और पूरे मध्य प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। हर्ष ने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
किसान परिवार से निकलकर बनाई पहचान
हर्ष शंकरलाल सोलंकी का परिवार साधारण किसान परिवार है। उनके पिता शंकरलाल सोलंकी खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं। परिवार ने हमेशा मेहनत, ईमानदारी और संस्कारों को प्राथमिकता दी। इन्हीं संस्कारों और परिवार के सहयोग से हर्ष ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ने का प्रयास किया। आज हर्ष की सफलता केवल उनके परिवार की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे गंधवानी क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गई है। एक छोटे क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा में पाँचवीं रैंक प्राप्त करना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
पिता की बीमारी भी नहीं रोक सकी सफलता की राह
हर्ष के जीवन में संघर्ष का दौर तब आया जब उनके पिता शंकरलाल सोलंकी लंबे समय से लकवा बीमारी से पीड़ित हो गए। परिवार के लिए यह समय काफी कठिन था। पिता के उपचार के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने पड़े और कई बार अस्पताल में रहना पड़ा। ऐसे कठिन समय में हर्ष ने एक तरफ पुत्र होने का दायित्व निभाते हुए अपने पिता की सेवा की, वहीं दूसरी ओर अपने लक्ष्य को भी नहीं छोड़ा। अस्पताल में पिता के पास रहते हुए भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। अस्पताल का समय भी उनके लिए अध्ययन का अवसर बन गया। परिस्थितियाँ कठिन थीं, लेकिन हर्ष के हौसले उससे भी मजबूत थे।
हिन्दू कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की शिक्षा
हर्ष ने अपनी उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज से प्राप्त की। प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने देश सेवा के उद्देश्य से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल सहायक कमांडेंट परीक्षा की तैयारी प्रारंभ की। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिलने के बाद भी उन्होंने निराशा को खुद पर हावी नहीं होने दिया। अपनी कमियों को दूर करते हुए उन्होंने मेहनत जारी रखी और दूसरे प्रयास में देशभर में पाँचवीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
पहली प्राथमिकता बीएसएफ में सेवा देने की इच्छा
अपनी सफलता को लेकर हर्ष शंकरलाल सोलंकी ने बताया कि “इस परीक्षा में मेरी पहली प्राथमिकता सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में सेवा देने की है। देश की सीमाओं की सुरक्षा करना मेरे लिए गर्व और सौभाग्य की बात होगी। मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ राष्ट्र सेवा करना चाहता हूं।” हर्ष ने कहा कि इस सफलता के पीछे परिवार का सहयोग, माता-पिता के आशीर्वाद और निरंतर मेहनत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विपरीत परिस्थितियों में भी परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया, जिसके कारण वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सके।
मेहनत और संघर्ष बनी सफलता की कुंजी
हर्ष की सफलता यह संदेश देती है कि जीवन में सफलता पाने के लिए केवल संसाधन ही पर्याप्त नहीं होते, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उनकी कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। हर्ष ने दिखाया कि संघर्ष जितना बड़ा होता है, सफलता उतनी ही अधिक प्रेरणादायक बनती है।
गंधवानी में खुशी का माहौल
हर्ष की सफलता का समाचार मिलते ही गंधवानी क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके निवास पर शुभचिंतकों, समाजजनों, मित्रों और क्षेत्रवासियों का पहुंचना शुरू हो गया। सभी ने हर्ष को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सामाजिक माध्यमों पर भी हर्ष की उपलब्धि की चर्चा रही और बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
सीरवी समाज ने जताया गर्व
अखिल भारतीय सीरवी समाज ने हर्ष शंकरलाल सोलंकी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हर्ष ने अपने परिश्रम और प्रतिभा से पूरे समाज का नाम रोशन किया है। समाज की ओर से हर्ष और उनके माता-पिता को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं की गईं। हर्ष शंकरलाल सोलंकी की यह सफलता संघर्ष, सेवा, समर्पण और दृढ़ संकल्प की ऐसी कहानी है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।