उज्जैनः भारत देश में अधिकांश लोग नए साल की शुरूआत मंदिर में दर्शन कर करते हैं। ऐसी ही नजारा उज्जैन महाकाल मंदिर में भी देखने को मिलता है। नए साल पर श्रद्धालु अपने आराध्य देव के दर्शन कर साल की शुरूआत करना चाहते हैं।
नए साल में बड़ी संख्या में दर्शनार्थी आते हैं। लोगों की भीड़ और सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के ध्यान में रखते हुए महाकालेश्वर मंदिर समिति ऐसी व्यवस्था कर रही की सभी को दर्शन हो सके। हालांकि इस व्यवस्था में भस्मारती करने वाले श्रद्धालु को निराश होना पड़ेगा। वो भी 10 दिनों के तक के लिए।
10 दिनों तक नहीं होगी भस्मारती ऑनलाइन बुकिंग
महाकाल मंदिर की भस्मारती में शामिल होने के लिए ऑन लाइन बुकिंग करना पड़ती हैं। हालांकि नव वर्ष पर करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसको देखते हुए मंदिर समिति ने 25 दिसम्बर से 5 जनवरी तक महाकाल मंदिर में तड़के होने वाली भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद करने का फैसला लिया है।
ऑफलाइन व्यवस्था के लिए एक दिन पहले पहुंचना होगा
भस्मारती में ऑफ लाइन व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को एक दिन पहले महाकाल लोक के इंट्री प्वाइंट पर पहुंचकर फॉर्म भरने होंगे। वहीं दर्शन की अनुमति दर्शनार्थियों की संख्या के आधार पर मिल सकेगी। इसके अलावा किसी भी भक्त को निराशा ना हो इसलिए 10 दिनों तक भस्म आरती में चलायमान(चलते हुए दर्शन करना) दर्शन व्यवस्था रहेगी।
नए साल में 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
महाकाल मंदिर प्रशासक के अनुसार 31 दिसम्बर से 2 जनवरी तक तीन दिन में 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचने एक अनुमान है। इसके चलते सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा,सहज दर्शन और भस्म आरती परमिशन के लिए अलग इंतजाम किए है। दिनों में श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय से एंट्री कर महाकाल लोक ओर मान सरोवर फिर टनल से गणेश मंडपम पहुंचकर बाबा के दर्शन कर सकेंगे।