ग्वालियर,न.सं.। शहर के यातायात को रफ्तार देने वाली परियोजना थीम रोड की डिजाइन फिलहाल नहीं बदली जा रही है। मंगलवार को भोपाल से आए बिजली कंपनी के प्रबंध निदेशक गणेश शंकर मिश्रा ने स्मार्ट सिटी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीतू माथुर, निगमायुक्त किशोर कान्याल ने थीम रोड पहुंचकर डेमो देखा। जिसमें अधिकारियों के सामने अंडरग्राउंड बिछी लाइनों को 15 मिनट में अंदर बाहर निकाला गया। जिसके बाद विद्युत वितरण कंपनी और स्मार्ट सिटी की लंबी चर्चा और डेमो देखने के बाद अधिकारियों द्वारा स्मार्ट रोड के कार्य में लाइन अंडरग्राउंड फिटिंग की सहमति बनी। अनुबंध के अनुसार कुछ समय के लिए 11 व 33 केवी की लाइने ऊपर रखी जाएगी। यह इसीलिए रखी जाएगी ताकि अगर अंडरग्राउंड बिछी लाइनों में कोई फॉल्ट होता है तो तुंरत ऊपर की लाइनों से विद्युत सप्लाई चालू कर सकें।
यहां बता दे कि कुछ दिनों पूर्व हुई बैठक में बिजली कंपनी के महाप्रबंधक नितिन मांगलिक ने तकनीकी जानकारी देते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी की डिजाइन में 11 और 33 केवी की लाइन को अंडरग्राउंड ले जाने का प्रविधान है। इसमें गढ्डा कर फाइबर पाइप से लाइन ले जाई जाती है और उस पर मिट्टी डाल दी जाती है। कुछ ही दिनों में मिट्टी ठोस हो जाती है। ऐसे में कोई फाल्ट होने की स्थिति में उसे ढूंढना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने दिया था तर्क
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का तर्क था कि सीमेंट कंक्रीट की डक्ट बनाकर उसमें से पाइप बिछाने पर समय और लागत बढ़ेगी। जिसके बाद इस मामले को भोपाल तक ले जाया गया। वहां से मंगलवार को बिजली कंपनी के प्रबंध निदेशक गणेश शंकर मिश्रा ने थीम रोड पहुंचकर सभी समस्याओं का निराकरण कर दिया।
बिजली कंपनी को देगी मशीन
जमीन के नीचे यदि लाइन में कोई फाल्ट आता है, तो उसे ढूंढने के लिए स्मार्ट सिटी एक फाल्ट डिटेक्टर मशीन बिजली कंपनी को देगी। अंडरग्राउंड फिटिंग में एक अतिरिक्त डक्ट व केबल का प्रविधान रखा जाएगा।
इनका कहना है
एलटी और एचटी लाइनों को फाइबर पाइप के जरिए अंडरग्राउंड लेकर जाएंगे। अभी हाईटेंशन लाइन को हटाया नही जाएगा।
नीतू माथुर
मुख्य कार्यपालन अधिकारी
स्मार्ट सिटी