विवेक सिंह,संग्रामपुर, अमेठी: जिले की सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु लोगों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। वर्ष 2026 में सामने आए पांच अलग-अलग मामलों में आवारा पशुओं से जुड़े सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। ताजा मामला संग्रामपुर क्षेत्र का है, जहां आवारा कुत्ते को बचाने के प्रयास में दो बाइकों की भिड़ंत हो गई। हादसे में 48 वर्षीय राकेश कुमार की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
इन घटनाओं ने सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं के प्रबंधन और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनवरी से अक्टूबर तक पांच मौतों के मामले
उषा सिंह (59 वर्ष): 9 जनवरी 2026 को थौरी गांव के पास रायबरेली-जगदीशपुर मार्ग पर आवारा पशु से टकराने के बाद कार पलट गई। हादसे में उषा सिंह की मौत हो गई।
सूर्यपाल (56 वर्ष): 23 अप्रैल 2026 को सिंहपुर क्षेत्र में बाइक की मवेशी से टक्कर हो गई। हादसे में किसान सूर्यपाल की मौत हो गई, जबकि उनके भाई शिवशंकर घायल हो गए।
आस्था: अगस्त 2026 में जामों क्षेत्र के कल्याणपुर के पास सड़क पर आए मवेशी से बाइक टकरा गई। हादसे में घायल आस्था की इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके पति विक्रम और बहन सुंदरपरी भी घायल हुए।
अर्पित (25 वर्ष): 13 सितंबर 2026 को अमेठी-संग्रामपुर मार्ग पर केडी ईंट भट्ठे के पास बाइक की नीलगाय से टक्कर हो गई। हादसे में घायल अर्पित की जिला अस्पताल में मौत हो गई।
राकेश कुमार (48 वर्ष): 12 अक्टूबर 2026 को सामने आए मामले में संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ईंटहा के पास आवारा कुत्ते को बचाने के प्रयास में दो मोटरसाइकिलें टकरा गईं। हादसे में खरेथू निवासी राकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएचसी संग्रामपुर से जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
छोटी दुकान से चलाते थे परिवार, अब कौन बनेगा सहारा?
राकेश कुमार कालिकन-चंद्रिकन मार्ग पर बोझी के पास साइकिल पंचर की छोटी-सी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह अपने पीछे पत्नी लक्ष्मी, बेटे शुभम, करन और बेटी रुचि को छोड़ गए हैं। परिवार के कमाऊ सदस्य की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
आवारा पशुओं पर नियंत्रण कब?
लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे सड़क सुरक्षा और आवारा पशुओं के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। अचानक सड़क पर आ जाने वाले पशुओं से बचने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं और कई बार जानलेवा दुर्घटनाएं हो जाती हैं। ऐसे में सवाल है कि सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार विभाग कब प्रभावी कदम उठाएंगे? बता दें कि राकेश कुमार से संबंधित जानकारी स्थानीय स्तर पर प्राप्त विवरण पर आधारित है। पांच मौतों का आंकड़ा आधिकारिक रूप से सत्यापित नहीं है।