Moradabad Railways

Moradabad Railways : मुरादाबाद रेलवे हटाएगा अवैध बनी 150 दुकाने, दुकानदारों को दी चेतावनी

रेलवे मंडल के अधिकारियों एवं जीआरपी पुलिस ने रामपुर रोड पर मुरादाबाद डिपो से डबलफाटक पुल तक रेलवे की जमीन पर वर्षों से बनी करीब 150 दुकानों को हटाने की तैयारी एक बार फिर तेज कर दी है।

By : विकास जैन
Moradabad Railways : मुरादाबाद रेलवे हटाएगा अवैध बनी 150 दुकाने, दुकानदारों को दी चेतावनी

नरेश भारद्वाज, मुरादाबाद: रेलवे मंडल के अधिकारियों एवं जीआरपी पुलिस ने रामपुर रोड पर मुरादाबाद डिपो से डबलफाटक पुल तक रेलवे की जमीन पर वर्षों से बनी करीब 150 दुकानों को हटाने की तैयारी एक बार फिर तेज कर दी है। इन दुकानदारों को आज रेलवे व जीआरपी ने मुनादी कराकर अवैध दुकानदारों को एक सप्ताह की मौहलत देते हुए चेतावनी दी है कि एक सप्ताह बाद समस्त अवैध दुकाने ध्वस्त कर दी जाएगी। रेलवे पुलिस ने इलाके में मुनादी कराकर दुकानदारों से एक सप्ताह के भीतर दुकानें स्वयं खाली करने की अपील की है। रेलवे ने साफ कर दिया है कि तय समय बीतने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

पहले भी हो चुकी कार्रवाई

गौरतलव है कि करीब छह महीने पहले भी रेलवे बुलडोजर और पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंचा था। उस दौरान तीन दुकानों को सील किया गया था। बाद में नगर विधायक रितेश गुप्ता के हस्तक्षेप और अधिकारियों से बातचीत  के बाद कार्रवाई रोक दी गई थी। तब व्यापारियों अति के पुनर्वास का मुद्दा भी उठाया गया था। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें किसी अन्य क्षेत्र में स्थान दिया जाए, जिससे कारोबार भी न रुके और रेलवे को अपनी भी मिल जाए।

क्या कहते है दुकानदार और रेलवे प्रशासन?

व्यापारियों में एक बार फिर से बेचैनी बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले पांच दशक से अधिक समय से यहां कारोबार कर रहे हैं। इस क्षेत्र में ढाबे, किराना कई दुकानें संचालित हैं। व्यापारियों और मोटरसाइकिल मरम्मत समेत का दावा है कि उनके पास रेलवे को दिए गए किराये की पुरानी रसीदें और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। रेल प्रशासन का कहना है कि यह भूमि पहले पूर्वोत्तर रेलवे के अधीन थी।

रेलवे का कहना नहीं करेंगे हस्तक्षेप बर्दाश्त

जहां तज किराया जमा होने का रिकॉर्ड है। बाद में क्षेत्र उत्तर रेलवे जहां तक किराया जमा होने का में शामिल हो गया, लेकिन उत्तर रेलवे ने इन दुकानों का कोई नया किरायानामा नहीं किया। अब रेलवे अपनी भूमि खाली कराकर भविष्य की विकास योजनाओं और सुविधाओं के विस्तार के लिए इसका उपयोग करना चाहता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जिन दुकानों से जुड़े मामले अदालत में विचाराधीन नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर खाली कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने रेलवे का पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की-जाएगी। सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि पूरे मामले की कार्रवाई इंजीनियरिंग विभाग कर रहा है और मुनादी के बाद आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।  इस मामले को लेकर रेलवे के अधिकारी इस बार पूरी तरह से शक्ति बरत रहे है अब बह इस मामले में किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नही करेंगे।