MP में दिव्यांग नीति का नया ड्राफ्ट

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की संवेदनशील पहलः MP में नई दिव्यांग नीति का मसौदा, बनेगी एकीकृत नीति

मुख्यमंत्री ने संवेदनशील पहल करते हुए दिव्यांग नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। नीति का मसौदा आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया तैयार करेंगे, जो संवाद और परामर्श के आधार पर इसे अंतिम रूप देंगे।

By : स्वदेश डेस्क
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की संवेदनशील पहलः MP में नई दिव्यांग नीति का मसौदा, बनेगी एकीकृत नीति

भोपालः मध्य प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए नई और एकीकृत नीति तैयार करने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने इस पूरे विषय को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए नीति निर्माण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को एक समन्वित ढांचे में लाना और उन्हें अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि लाभार्थियों को जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिल सके।

डॉ. खेमरिया को मिली मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी

नई नीति का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी आयुक्त दिव्यांगजन, मध्य प्रदेश, डॉ. अजय खेमरिया को सौंपी गई है। वे पूरे दस्तावेज को तैयार करने की प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे। सरकार की मंशा है कि यह मसौदा केवल प्रशासनिक स्तर पर तैयार न हो, बल्कि इसमें वास्तविक जरूरतों और जमीनी अनुभवों को भी शामिल किया जाए। इसी कारण इसे संवाद और परामर्श आधारित प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है।

संवाद और परामर्श से बनेगा अंतिम नीति ढांचा

नीति निर्माण की प्रक्रिया में विभिन्न हितधारकों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएंगे। सरकार चाहती है कि यह नीति पूरी तरह व्यावहारिक और समावेशी हो, जिससे दिव्यांगजनों को सीधे लाभ मिल सके। डॉ. अजय खेमरिया इस पूरी प्रक्रिया को समन्वित करते हुए नीति के अंतिम प्रारूप को तैयार करेंगे, जिसे बाद में सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

एकीकृत व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

प्रस्तावित नीति का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सभी योजनाओं को एक मंच पर लाना है। इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि सेवाओं की पहुंच भी तेज और पारदर्शी बनेगी। सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों के कल्याण के क्षेत्र में एक नए मॉडल की शुरुआत मानी जा रही है, जो आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।