राज्य सरकार ने प्रदेश के 12 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारी एवं पेंशनरों के लिए समग्र स्वास्थ्य योजना का अंतिम प्रारूप तैयार कर लिया है। प्रारूप पर कर्मचारी एवं पेंशनरों से चर्चा के लिए राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति स्वास्थ्य योजना को कैबिनेट से भी मंजूरी दिलाएगी।
उच्च स्तरीय समिति करेगी मंथन
राज्य के कर्मचारी एवं पेंशनरों के लिए समग्र स्वास्थ्य योजना को लेकर पिछले साल जून में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने कई राज्यों में संचालित कर्मचारी एवं पेंशनर्स स्वास्थ्य योजनाओं का अध्ययन करने के बाद राज्य के कर्मचारियों के लिए भी स्वास्थ्य योजना का प्रारूप तैयार किया है।
हालांकि, प्रारूप को लेकर अभी तक कर्मचारी संगठनों एवं पेंशनरों के अभिमत नहीं लिए गए हैं। ऐसे में कैबिनेट से मंजूरी से पहले सरकार योजना से लाभान्वित होने वाले संगठनों से चर्चा करने जा रही है। इसके लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव (वित्त), अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग) और आयुक्त, लोक स्वास्थ्य शामिल हैं।
लंबित है कर्मचारियों की मांग
मध्य प्रदेश सरकार के कर्मचारी और पेंशनर लंबे समय से समग्र स्वास्थ्य योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में भी दोनों प्रमुख दल कांग्रेस और भाजपा ने इस बिंदु को शामिल किया था। राज्य में भाजपा की सरकार है, ऐसे में कर्मचारियों की समग्र स्वास्थ्य योजना लागू करने की दिशा में सरकार ने लगभग पूरी तैयारी कर ली है।