प्रदेश सरकार की बार-बार चेतावनी के बाद भी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी कार्यालयीन समय का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना काल से चली आ रही दो दिवसीय साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था बंद की जा सकती है। इसकी जगह सरकारी कार्यालय सप्ताह में छह दिन खुल सकते हैं। इस संबंध में जल्द ही शासन स्तर पर फैसला लिया जा सकता है।
सरकारी दफ्तरों में समय पालन को लेकर सख्ती
सामान्य प्रशासन विभाग ने हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मंत्रालय वल्लभ भवन समेत अन्य सरकारी कार्यालयों में शासकीय सेवकों की समय पर उपस्थिति को लेकर छापामार कार्रवाई की थी। विभाग द्वारा नियमित रूप से विभाग प्रमुखों से उनके अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारियों के कार्यालय आगमन एवं प्रस्थान की रिपोर्ट भी मांगी जा रही है।
आकस्मिक निरीक्षण लगातार जारी
जल्द ही सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों के आगमन एवं प्रस्थान संबंधी रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। इसमें यह सामने आएगा कि शासकीय सेवक कार्यालयीन समय का पालन कर रहे हैं या नहीं। यदि रिपोर्ट नकारात्मक आती है तो सरकार प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में छह कार्यदिवस की पुरानी व्यवस्था लागू कर सकती है।कार्यालयीन समय के मुद्दे को सरकार के शीर्ष स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। दरअसल, शासन के संज्ञान में आया है कि सरकारी अमला पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है। बड़ी संख्या में शासकीय सेवक देरी से कार्यालय पहुंचते हैं और जल्दी चले जाते हैं।
कोरोना के कारण लागू हुई थी मौजूदा व्यवस्था
वर्तमान में सरकारी कार्यालयों में दो दिवसीय साप्ताहिक अवकाश की जो व्यवस्था है, वह कोरोना काल में लागू की गई थी। कोरोना की दूसरी लहर के बाद 26 अप्रैल 2021 को मंत्रालय समेत राज्य स्तरीय कार्यालयों में केवल 10 प्रतिशत कर्मचारियों को बुलाया गया था।इसके बाद 1 जून 2021 से सभी सरकारी कार्यालयों को 100 प्रतिशत अधिकारियों और 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ संचालित करने के आदेश दिए गए। फिर 22 जुलाई 2021 से कार्यालयों को सोमवार से शुक्रवार तक पूरी क्षमता के साथ शुरू करने के निर्देश दिए गए, जबकि शनिवार और रविवार को अवकाश रखा गया।इसके बाद इस आदेश की समय-सीमा बढ़ाई जाती रही। 20 दिसंबर 2022 को पांच दिवसीय कार्यालयीन व्यवस्था को अगले आदेश तक प्रभावी रखने का निर्णय लिया गया, जो वर्तमान में भी लागू है।
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा,“राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयीन समय का पालन करने की अपेक्षा है। इस संबंध में हाल ही में मंत्रालय में कार्यालयीन समय के अनुसार उपस्थिति का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था। जिला स्तर पर कलेक्टर भी इस प्रकार के निरीक्षण की व्यवस्था करें। आकस्मिक निरीक्षण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।”उन्होंने आगे कहा कि यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं हुआ तो राज्य में छह कार्यदिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू की जा सकती है। शासकीय कार्यालयों में आम नागरिकों के लिए सुगम व्यवस्था स्थापित करना सरकार का उद्देश्य है।