भारत के पहले पूरी तरह स्वदेशी फाइटर जेट तेजस ने अब अपनी अगली पीढ़ी में कदम रख दिया है। शुक्रवार को महाराष्ट्र के नासिक स्थित ओझर HAL फेसिलिटी में बने तेजस मार्क-1A एयरक्राफ्ट ने पहली सफल उड़ान भरी। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद पहुंचकर प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन किया।

इस नई लाइन की शुरुआत के साथ ही भारत अब हर साल 8 तेजस लड़ाकू विमान बना सकेगा, जिसे जरूरत पड़ने पर 10 तक बढ़ाया जा सकता है।
2032 तक वायुसेना को मिलेंगे 180 तेजस
HAL को 25 सितंबर को रक्षा मंत्रालय से तेजस के 97 एडवांस वर्जन बनाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला था, जिसकी कुल कीमत ₹62,370 करोड़ है। इस डील के तहत HAL को 2032-33 तक 180 तेजस विमान वायुसेना को देने हैं।
तेजस मार्क 1A, पुराने तेजस का अपग्रेडेड वर्जन है। यह सिंगल इंजन वाला चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे विशेष तौर पर मिग-21 के रिप्लेसमेंट के तौर पर तैयार किया गया है। मिग-21 हाल ही में 62 साल की सेवा के बाद रिटायर हुआ है।
क्या खास है तेजस मार्क 1A में?
- 9 हार्डपॉइंट्स: पंखों पर 9 जगह मिसाइलें फिट की जा सकती हैं
- 2205 किमी/घंटा की रफ्तार: यानी आवाज से करीब दोगुनी तेज
- अपग्रेडेड एवियॉनिक्स और AESA रडार सिस्टम
- स्वयं रक्षा प्रणाली और कंट्रोल एक्चुएटर जैसी आधुनिक क्षमताएं
- 65% स्वदेशी उपकरण: 500 से ज्यादा भारतीय कंपनियों की साझेदारी
इस विमान को एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और DRDO की मदद से HAL ने तैयार किया है। यह हवा, जमीन और समुद्र तीनों जगहों से हमला करने में सक्षम है।

कहां तैनात होगा तेजस?
तेजस मार्क 1A को राजस्थान के नाल एयरबेस पर पाकिस्तान बॉर्डर के पास तैनात किए जाने की योजना है। इसकी मौजूदगी भारत की सीमाई सुरक्षा को और मजबूती देगी।
PM मोदी भी भर चुके हैं उड़ान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2022 में बेंगलुरु में तेजस फाइटर जेट में उड़ान भरी थी। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली फाइटर जेट उड़ान थी। उन्होंने HAL यूनिट का दौरा भी किया था।