निर्लेश तिवारी
र्तमान प्रतिस्पर्धा के दौर में व तनाव अघोषित रूप से हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है। नौकरी, व्यापार, परिवार, समाज में भिन्न-भिन्न कारण इसके कारक रहते है। खुशी सूचकांक (हैप्पीनेस इंडेक्स) में भारत का स्थान काफी पीछे है, यहां तक कि पड़ोसी प्रतिद्वंदी देश भी प्रसन्नता सूची में भारत से आगे है। गौरतलब है की वर्ष 2025 की थीम 'केयरिंग एंड शेयरिंग' रही जिसमें सामाजिक सरोकार, स्वस्थ जीवन की संभावनाए, स्वतंत्रता व उदारता जैसे मानको पर मूल्यांकन किया गया।भारत का प्रदर्शन-वर्ष 2025 की खुशी सूचकांक पर भारत विगत वर्ष के 126 वें स्थान से सुधार कर 118 वेंस्थान पर पहुंचा गया। फिनलैंड प्रथम, डेनमार्क द्वितीय, आइसलैंड तृतीय स्थान पर जबकि सूडान, तंजानिया, रवांडा और बोत्सवाना जिम्बाब्वे जैसे देश अंतिम पंक्ति में शामिल है इसी क्रम में अफगानिस्तान सबसे नाखुश देश माना गया। कमोबेश यही रैंकिंग विगत पांच वर्षों अर्थात 2021 से जारी है। निश्चित रूप से देशवासियों को इस पर गौर करना होगा।
खुशहाली का रास्ता-शरीर विज्ञान के अनुसार 'एंडोर्फिन' नामक हार्मोन के उत्सर्जन से खुशी महसूस होती है, दर्द का अहसास कम हो जाता है। इसके लिए रूचि के विषय का कोई शामिल करना उचित रहता है जैसे सैर, व्यायाम, खेल, संगीत सुनना, परिवार के समय बिताना, पर्यटन यात्रा, मित्र-गोष्ठी, मदद करना, प्रमुख माने जाते रहे है। निश्चित रूप से इसके द्वारा प्रसन्नता की सहज अनुभूति होती है। खुश रहना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ और खुश है तो निश्चित ही उसकी कार्य क्षमता में वृद्धि होगी।यह भी जानना जरूरी है कि तनाव के लिए जिम्मेदार 'कॉर्टिसोल' हार्मोन का उत्सर्जन होता है। हमें इसकी खोज स्वयं करनी चाहिए कि किस कारण से यह तनाव हो रहा है। उसके लिए उचित समाधान अपनाने चाहिए। नकारात्मकता से दूर रहना ही सबसे बेहतर उपाय हो सकता है।
नवाचार में प्रथम मप्र-राष्ट्र का पूर्ण विकास नागरिकों की मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक उन्नति व प्रसन्नता से ही संभव है। इस अवधारणा को साकार करने के लिए भौतिक प्रगति से आगे बढ़कर प्रसन्नता को सर्वोपरि मानकर मध्यप्रदेश में वर्ष 2016 में आनंद विभाग का गठन हुआ, जिसके अपने महत्वपूर्ण उद्देश्य है और उसी के तहत प्रदेश के हैप्पीनेस इंडेक्स में सुधार के निरंतर प्रयास होते रहे है। विभाग के निर्देशन में इससे जुड़े, मास्टर ट्रेनर, जिला संपर्क व्यक्ति, आनंदक, आनंदम सहयोगी, पंजीकृत आनंद क्लब लोगों के जीवन में खुशियां लाने के लिए कार्यरत है।