दिवाली पर घर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो इस बार सफर का बजट बिगड़ सकता है। त्योहार के आसपास फ्लाइट और बसों के टिकट महंगे हो जाते हैं। दिल्ली, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों से अपने गृह नगर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से कई रूट्स पर सीटों की मांग अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में सामान्य दिनों के मुकाबले टिकट के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
लेकिन किराया बढ़ने की वजह सिर्फ भीड़ नहीं है। इसके पीछे टिकट बुकिंग का सिस्टम, सीटों की उपलब्धता और यात्रा की तारीख भी अहम भूमिका निभाती है।
1. मांग बढ़ते ही महंगे होते हैं टिकट
दिवाली पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर लौटते हैं। इससे खास रूट्स पर फ्लाइट और बसों की सीटें तेजी से भरती हैं। जब यात्रियों की मांग उपलब्ध सीटों से ज्यादा हो जाती है, तो किराया बढ़ने लगता है।
2. डायनेमिक प्राइसिंग का असर
एयरलाइंस डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत टिकटों की कीमत तय करती हैं। इसमें मांग, बुकिंग के समय और बची हुई सीटों के आधार पर किराया बदलता रहता है। शुरुआत में कम कीमत वाले टिकट उपलब्ध होते हैं, लेकिन उनके बिकने के बाद अगली श्रेणी के टिकट महंगे हो सकते हैं।
3. बसों में सीमित सीटें
त्योहारों पर बसों की मांग भी बढ़ जाती है। खासकर उन रूट्स पर जहां ट्रेन टिकट मिलना मुश्किल होता है, यात्री एसी और स्लीपर बसों का विकल्प चुनते हैं। सीटें कम पड़ने पर निजी बस ऑपरेटर किराये में बदलाव कर सकते हैं। अतिरिक्त बसें चलने के बावजूद पीक दिनों में सीटों की कमी बनी रह सकती है।
4. आखिरी समय की बुकिंग
कई यात्री छुट्टियां तय होने के बाद टिकट बुक करते हैं। तब तक कम कीमत वाले टिकट बिक चुके होते हैं और पसंदीदा समय की सीटें भी कम बचती हैं। ऐसे में यात्रियों को महंगे विकल्प चुनने पड़ते हैं।
5. रूट और परिचालन लागत
हर रूट पर फ्लाइट और बसों की संख्या समान नहीं होती। जिन जगहों पर यात्रियों की मांग ज्यादा और सेवाएं सीमित हैं, वहां किराये में अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ईंधन, कर्मचारियों और वाहन रखरखाव जैसे परिचालन खर्च भी परिवहन कंपनियों की लागत को प्रभावित करते हैं।
दिवाली पर टिकट के पैसे कैसे बचाएं?
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एडवांस बुकिंग करें: यात्रा की तारीख तय होते ही टिकट की कीमतें देखना शुरू करें।
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तारीख बदलकर देखें: त्योहार से एक-दो दिन पहले या बाद की यात्रा सस्ती पड़ सकती है।
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किराये की तुलना करें: अलग-अलग वेबसाइट और ऑपरेटर के टिकट चेक करें।
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समय में लचीलापन रखें: सुबह जल्दी या देर रात की यात्रा के विकल्प देखें।
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ऑफर का फायदा उठाएं: बैंक डिस्काउंट और कैशबैक की शर्तें जांचकर बुकिंग करें।
मांग और सीटों का अंतर बढ़ाता है किराया
दिवाली के दौरान फ्लाइट और बस का किराया बढ़ने की सबसे बड़ी वजह यात्रियों की बढ़ती मांग और सीमित सीटें हैं। डायनेमिक प्राइसिंग और देर से बुकिंग इस बढ़ोतरी को और प्रभावित करती हैं। इसलिए त्योहार पर सफर की योजना बनाते समय समय रहते टिकटों की कीमतों की तुलना करना बेहतर रहेगा।