नई दिल्ली। सीबीएसई की कक्षा 9 के छात्रों के लिए अंग्रेज़ी की पढ़ाई में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने नई अंग्रेज़ी की किताब तैयार कर ली है। अब तक छात्रों को दो अलग-अलग किताबें पढ़नी पड़ती थीं। वहीं, अब उन्हें सिर्फ एक किताब पढ़नी होगी। नई किताब में भारतीय लेखकों की रचनाओं को ज्यादा जगह दी गई है, और सिलेबस भी थोड़ा हल्का किया गया है।
अब दो नहीं, सिर्फ एक किताब से होगी पढ़ाई
अब तक कक्षा 9 के छात्रों को अंग्रेज़ी के लिए दो किताबें पढ़नी पड़ती थीं। इनमें Beehive और Moments। ये किताबें साल 2006-07 से 2025-26 तक पढ़ाई जा रही थीं। नई व्यवस्था में इन दोनों किताबों को मिलाकर एक ही किताब तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे छात्रों पर पढ़ाई का बोझ थोड़ा कम होगा और पाठ्यक्रम भी ज्यादा संतुलित हो पाएगा।
नई किताब का नाम ‘कावेरी’
NCERT ने कक्षा 9 की इस नई अंग्रेज़ी किताब का नाम ‘कावेरी’ रखा है। किताब की शुरुआत राज्यसभा सांसद और जानी-मानी लेखिका सुधा मूर्ति की किताब How I Taught My Grandmother to Read and Other Stories (2004) से ली गई एक कहानी से होती है। इस किताब में भारतीय साहित्य की झलक दिखाने की कोशिश भी साफ दिखाई देती है।
भारतीय लेखकों को मिला ज्यादा स्थान
नई किताब में कई भारतीय लेखकों की रचनाएं शामिल की गई हैं। इनमें तमिल कवि सुब्रमणिया भारती, नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर, नागा लेखिका तेम्सुला आओ, असमिया उपन्यासकार मित्रा फुकन और लेखिका सुधा मूर्ति की रचनाएं शामिल हैं। दरअसल पहले की किताबों में विदेशी लेखकों की संख्या ज्यादा थी। कुल 29 रचनाओं में से 15 विदेशी लेखकों की थीं। लेकिन अब NCERT ने संतुलन बनाने की कोशिश की है।
16 चैप्टर में भारतीय और विदेशी रचनाएं
नई किताब में कुल 16 चैप्टर रखे गए हैं। इनमें 8 भारतीय लेखकों की रचनाएं, 6 विदेशी लेखकों की रचनाएं शामिल की गई हैं। विदेशी लेखकों में डेविड रोथ, चार्ल्स स्वेन, ब्रायना टी. पर्किन्स, रॉबर्ट लैंगली, माया एंथनी और आइरीन चुआ जैसे नाम शामिल हैं।
पैरालिंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक का इंटरव्यू भी
इस किताब में एक खास चैप्टर 'The World of Limitless Possibilities' भी है। यह एक इंटरव्यू आधारित अध्याय है जिसमें पैरालिंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक से बातचीत शामिल की गई है। इसके अलावा 'Gifts of Grace: Honouring Our Vocations' नाम की एक अनाम कविता भी किताब का हिस्सा है।
NCF-SE 2023 के आधार पर तैयार हुआ नया सिलेबस
एनसीईआरटी के अनुसार यह नई किताब नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (एनसीएफ-एसई) 2023 के आधार पर तैयार की गई है। इसमें इंडियन नॉलेज सिस्टम (आईकेएस) से जुड़े कुछ एलिमेंट भी शामिल किए गए हैं, ताकि छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा से भी जोड़ा जा सके।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से छात्रों को भारतीय साहित्य और विचारों को समझने का बेहतर मौका मिलेगा, साथ ही पाठ्यक्रम भी ज्यादा संतुलित महसूस होगा।