इस तस्वीर ने सबको शॉक्ड कर दिया: बुलडोजर एक्शन के दौरान किताब लेकर भागती बच्ची को देख जस्टिस उज्जल भुईयां ने कहा

नई दिल्ली। जस्टिस उज्जल भुईयां ने यूपी के अंबेडकर नगर की 24 मार्च की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि, अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक तरफ झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा था तो दूसरी तरफ एक 8 साल की बच्ची अपनी किताब लेकर भाग रही थी। इस तस्वीर ने सबको शॉक्ड कर दिया था।
प्रयागराज में एक वकील, एक प्रोफेसर और तीन अन्य के घरों को ध्वस्त करने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि घर गिराने की प्रक्रिया असंवैधानिक थी। कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण को आदेश दिया है कि, पांचों पीड़ितों को 10 - 10 लाख रूपये हर्जाने का भुगतान करें।
कोर्ट ने यह भी कहा कि, यह हमारी अंतरात्मा को झकझोरता है। राइट टू शेल्टर नाम की कोई चीज होती है। उचित प्रक्रिया नाम की भी कोई चीज होती है। उसका पालन होना चाहिए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा - "सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश स्वागत योग्य है कि प्रयागराज में 2021 में हुए एक बुलडोज़र एक्शन पर सभी 5 याचिकाकर्ताओं को प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा 6 सप्ताह में 10-10 लाख मुआवज़ा दिया। इस मामले में कोर्ट ने नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर मकान गिरा देने की कार्रवाई को अवैध घोषित किया है।"
"सच तो ये है कि घर केवल पैसे से नहीं बनता है और न ही उसके टूटने का ज़ख़्म सिर्फ़ पैसों से भरा जा सकता है। परिवारवालों के लिए तो घर एक भावना का नाम है और उसके टूटने पर जो भावनाएं हत होती हैं उनका न तो कोई मुआवज़ा दे सकता है न ही कोई पूरी तरह पूर्ति कर सकता है।"