
अनीता चौधरी, नई दिल्ली: ईद, नवरात्र और रामनवमी जैसे बड़े त्योहार नजदीक हैं, और भारतीय रेलवे इन पर्वों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ से निपटने के लिए कमर कस चुका है। रेलवे की तैयारियों को लेकर उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने स्वदेश के साथ अपनी विशेष बातचीत में पूरी जानकारी दी । उन्होंने बताया अलग -अलग धर्मों के कई त्योहार है और पर्व की इस खुशी को लोग परिवार के साथ बिताना चाहते हैं तो आइए, जानते हैं कि रेलवे ने इस चुनौती से पार पाने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
हिमांशु शेखर ने बताया कि रेलवे ने त्योहारों को देखते हुए विशेष ट्रेनों का ऐलान किया है। नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा, वाराणसी, पटना, सहरसा और इंदौर जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है।
इन ट्रेनों में जनरल, स्लीपर और एसी कोच शामिल होंगे, ताकि हर वर्ग के यात्रियों को सुविधा मिल सके। इसके अलावा, रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सीपीआरओ हिमांशु शेखर ने यह भी खुलासा किया कि रेल यात्रियों के आवागमन की सुविधा तथा अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए रेलवे ने इस लांग वीक एंड पर तीन दिनों के लिए राउंड में भी कई विशेष रेलगाड़ी को चलाने निर्णय लिया है।
जिसमें से एक वंदे भारत भी है । वंदे भारत के बिहार और पूर्वांचल के परिचालन 29 से शुरू हो चुका है जो 31 तारीख तक दिल्ली से गंतव्य स्थल और फिर वापसी की आवाजाही के लिए रहेगा। बिहार और उत्तरप्रदेश यानी पूर्वांचल के प्रवासी लोगो के लिए भी कई ट्रेन चल रही हैं और यह स्पेशल रेलगाड़ी मार्ग में आरा जंक्शन, बक्सर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल स्टेशनों और पटना को विशेष ध्यान में रख जार चलायी जा रही हैं। यही नहीं जहां ट्रेनें देरी से चल रही हैं या यात्रियों की संख्या ज्यादा है, वहां अतिरिक्त जनरल स्पेशल और प्रीमियम ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं ।
हिमांशु शेखर ने बताया कि हालांकि त्योहारों पर घर जाने वालों लोगों की भीड़ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महाकुंभ मेले के जैसा नहीं है लेकिन रेलवे पूरी तरह से मुस्तैद है। सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रति घंटा रेलवे टिकट की बिक्री को ध्यान में रखा जा रहा है।
रिजर्व क्लास में टिकट बिक्री और उसके अनुसार यात्री की संख्या का तो रेलवे को पहले से पता होता है लेकिन जैसे ही अनरिजर्व्ड टिकट की बिक्री ज़्यादा होती है रेलवे अलर्ट हो जाता है । उसके बाद सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए क्राउड मेजर मैनेजमेंट को लागू किया जाता है और एंट्री रिस्ट्रिक्टेड कर दी जाती है।
जो अनरिजर्व्ड क्लास के यात्री होते गईं उनको सुरक्षा के मद्देनजर एक निश्चित गेट के माध्यम से ही स्टेशन और प्लेटफार्म में एंट्री दी जाती है । ताकि रिजर्वड और अनरिजर्व्ड क्लास के लोगो की स्टेशन और प्लेटफार्म ओर आवाजाही अलग -अलग रह सके इसके अलावा तो फुट ओवर ब्रिज , सीढ़ियों जैसे जो वॉर्नरेबल एरिया हैं उनमें आरपीएफ और कमर्शियल स्टाफ की भारी संख्या में तैनाती है और सभी गति-विधियों की पल-पल की सीसीटीवी कैमरे से लाइव निगरानी की जा रही है।
इसके अलावा रेलवे के उच्चाधिकारी भी मौके पर मसूद है और वॉर रूम से लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे किसी भी अफरा -तफरी की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इन सभी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने वीकेंड स्पेशल और प्रीमियम ट्रेनों का परिचालन भी कर रही है।
नवरात्र में देवी दर्शन की तैयारियों को हिमांशु शेखर ने जानकारी दी कि वैष्णव देवी के अलावा उन सभी 51 शक्ति पीठों के लिए माता के भक्तों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए जबरदस्त तैयारी है। उत्तरप्रदेश के विंध्याचल देवी और मध्यप्रदेश के मैहर देवी के दर्शन के लिए भी भक्तों के लिए रेलवे की तरफ़ से जबरदस्त तैयारी है।
भक्तों के भीड़ को देखते हुए उस रूट से गुजरने वाली सभी ट्रेनों का विंध्याचल और मैहर जैसे शक्तिपीठों के रेलवे स्टेशन या उसके आस-पास के स्टेशन पर स्टापेज दी गई है। साथ ही माता के भक्तों की सुविधा के लिए उस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों में स्पेशल बोगी लगायी गयी है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में रेलवे माता के भक्तों को दर्शन करवा सके।
यही नहीं रेलवे पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है कि अगर जरूरत पड़ी तो स्पेशल रेलगाड़ियां भी चलायी जायेंगी। और यह तैयारी और रोडमैप सिर्फ उत्तर रेलवे ही नहीं बल्कि पूरे भारत की रेलवे विंग अपनाती है ताकि पर्व -त्योहारों पर यात्रियों और तीर्थयात्रियों को ज़्यादा से ज़्यादा सुविधा दी जा सके।
रामनवमी पर राम भक्तों के लिए क्या तैयारी है इस पर हिमांशी शेखर उपाध्याय ने बताया कि अयोध्या में जो पहले होल्डिंग एरिया थी उसकी बढ़ा कर और बड़ा कर दिया गया है ताकि संख्या रामभक्तों को अगर इंतज़ार करना ओढ़े तो को असुविधा नहीं हो साथ ही कुंभ में जिस तरह से सर्कुलर ट्रेन चलायी गई थी वैसी परिचालन को लेकर भी मास्टरप्लानिंग चल रही है ताकि यात्रियों को एक बेहतर अनुभव दे सकें और इस प्लानिंग में एक्स्ट्रा कोच लगाने से लेकर स्पेशल ट्रेन चलाने तक सभी बिंदुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर ने जोर देकर कहा कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि भीड़ के बीच कोई अप्रिय घटना न हो। रेलवे का यह मास्टरप्लान न सिर्फ यात्रियों को राहत देगा, बल्कि त्योहारों की खुशियों को दोगुना करने में भी मदद करेगा। तो अगर आप भी त्योहारों में घर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो रेलवे की इन तैयारियों पर भरोसा रखें और अपनी यात्रा को सुखद बनाएं!