नई दिल्ली: देश में LPG गैस की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें Ministry of Petroleum and Natural Gas, Ministry of External Affairs (India), Ministry of Ports, Shipping and Waterways और Ministry of Information and Broadcasting (India) के अधिकारियों ने देश में तेल और गैस आपूर्ति की स्थिति पर जानकारी दी। सरकार ने बताया कि भारत अपनी कुल जरूरत की करीब 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आती है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण इस मार्ग पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
रोजाना 50 लाख LPG सिलेंडर की डिलीवरी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि देश में रोजाना करीब 50 लाख LPG सिलेंडर की डिलीवरी की जाती है। हालांकि हाल के दिनों में घबराहट के कारण गैस सिलेंडर की बुकिंग कई गुना बढ़ गई है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पैनिक बुकिंग से बचें, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई संतुलित तरीके से पहुंच सके।
घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) Sujata Sharma ने बताया कि देश में पेट्रोल-डीजल और LPG की उपलब्धता को लेकर स्थिति फिलहाल संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि भारत रोजाना लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग करता है और दुनिया के प्रमुख रिफाइनिंग देशों में शामिल है। मंत्रालय ने 9 मार्च को Essential Commodities Act के तहत रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया था। इसके बाद घरेलू उत्पादन 25% से बढ़कर 28% हो गया है।

शहरों और गांवों में बुकिंग के दिन
सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की किसी भी तरह की कमी नहीं है और कहीं से भी गैस का स्टॉक खत्म होने यानी 'ड्राई-आउट' की कोई सूचना नहीं मिली है। उनके अनुसार हाल के दिनों में लोग घबराहट में आकर बड़ी संख्या में गैस बुक कर रहे हैं, जिसे पैनिक बुकिंग कहा जा रहा है। इसी वजह से बुकिंग के आंकड़े बढ़े हैं, जबकि वास्तविक रूप से सप्लाई में कोई कमी नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि गैस बुकिंग की समय सीमा में बदलाव किया गया है। अब शहरी क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग 21 दिन की जगह 25 दिन के अंतराल पर की जा सकेगी। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह अवधि बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है, यानी अब वहां डेढ़ महीने में एक बार गैस बुक की जा सकेगी।
राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन आवंटन
सरकार ने बताया कि राज्यों को हर तीन महीने में लगभग 1 लाख किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया जाता है। नई व्यवस्था के तहत राज्यों को अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसिन भी दिया जाएगा, ताकि ऊर्जा की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों पर नजर
Ministry of Ports, Shipping and Waterways के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पर्शियन गल्फ क्षेत्र में फिलहाल 28 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर कुल 778 भारतीय नाविक सवार हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में और चार जहाज पूर्वी हिस्से में हैं। सरकार इन सभी जहाजों और उनके क्रू की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रख रही है। हाल के समुद्री हमलों में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर मौजूद तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है, जबकि एक नाविक अब भी लापता बताया जा रहा है।

ईरान में फंसे भारतीयों की मदद
Randhir Jaiswal ने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को बाहर निकलने में सहायता दे रहा है। उन्हें आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित बाहर भेजने की व्यवस्था की जा रही है, जहां से वे वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए भारत लौट सकते हैं। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को दूतावास की एडवाइजरी का पालन करने और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने की सलाह दी है।