तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम (सीजफायर) तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उसकी सैन्य कार्रवाई पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा बन रही है। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी हमलों के बाद यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि अमेरिका ने सीरिक क्षेत्र और केश्म द्वीप स्थित ईरानी तटीय रडार एवं निगरानी केंद्रों पर हमला किया है। मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन है।
अमेरिका पर गंभीर आरोप
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका तनाव कम करने के बजाय सैन्य कार्रवाई कर क्षेत्रीय शांति को नुकसान पहुंचा रहा है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि इन हमलों के बाद जो भी परिणाम सामने आएंगे, उनकी जिम्मेदारी पूरी तरह अमेरिका की होगी।दूसरी ओर अमेरिका का दावा है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे ईरानी ड्रोन को मार गिराया और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की।
अमेरिका ने ड्रोन गिराने का दावा किया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में दो ईरानी हमलावर ड्रोन को मार गिराया। अमेरिका के अनुसार ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन रहे थे।इसके अलावा अमेरिका ने केश्म द्वीप स्थित ईरानी रडार साइटों पर भी हमले किए हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि क्षेत्र में तैनात उसके बल किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
ईरान ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें
अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन की दिशा में सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। हालांकि संबंधित देशों और सहयोगी सेनाओं ने अधिकांश मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है। इस घटनाक्रम के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और कई देशों ने अपने सामरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी है।
ईरान-अमेरिका समझौता अभी अधर में
इस बीच CNN की रिपोर्ट के मुताबिक संभावित ईरान-अमेरिका शांति समझौता अभी भी ईरान की फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को लेकर अटका हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान चाहता है कि समझौते के साथ ही कम से कम 12 अरब डॉलर की राशि जारी की जाए, जबकि अमेरिका इस मांग पर अभी सहमत नहीं हुआ है। इसी कारण दोनों देशों के बीच बातचीत में गतिरोध बना हुआ है।
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर
पश्चिम एशिया में अमेरिका, ईरान, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने युद्धविराम और शांति वार्ता की संभावनाओं पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।