ईरान की राजधानी तेहरान से एक चौंकाने वाला संकेत आया है। इसने दुनिया के बड़े कारोबारियों और तेल बाजार को एक साथ हैरान दिया है। ईरान अब सिर्फ जवाबी हमले ही नहीं, बल्कि समुद्री रास्ते को भी हथियार बनाने की तैयारी में है। खबर है कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर अब ‘फीस’ यानी टोल वसूला जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो इसका असर सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखेगा।
‘समुद्री टैक्स’ से अरबों डॉलर कमाने की योजना
तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फोआद इजादी ने एक इंटरव्यू में चौंकाने वाला दावा किया है। उनके अनुसार, ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर करीब 10 फीसदी टोल लगाने की तैयारी में है। इससे ईरान को हर साल लगभग 73 अरब डॉलर तक की कमाई हो सकती है।
यानी एक तरह से देखें तो यह सिर्फ टैक्स नहीं, बल्कि युद्ध के बीच आर्थिक मजबूती का नया जरिया हो सकता है। शायद यही सबसे बड़ा मकसद भी है।
Brilliant move by Iran. They are planning to levy a 10% toll on all ships passing through the Strait of Hormuz. This will generate $73 billion a year, completely offsetting US sanctions and paying for war damages. Checkmate. pic.twitter.com/ahjNE3HUEr
— Furkan Gözükara (@FurkanGozukara) March 18, 2026
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री गलियारों में गिना जाता है। यहां से होकर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। ऐसे में अगर ईरान यहां नियंत्रण बढ़ाता है या टोल लागू करता है, तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों और ग्लोबल सप्लाई पर पड़ सकता है।
पहले कंट्रोल, अब टोल की तैयारी
बताया जा रहा है कि हालिया संघर्ष के बाद से ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है। अब हालात ये हैं कि कई जहाजों को गुजरने के लिए ईरानी अनुमति की जरूरत पड़ रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि जहाजों के लिए पहले से शर्तें तय की जा रही हैं। इसके साथ ही अब उसी प्रक्रिया को एक कदम आगे बढ़ाकर ‘टोल सिस्टम’ में बदलने की तैयारी है।
क्या ये युद्ध के बीच ‘नई रणनीति’
ईरान पर लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का दबाव है। इसके ऊपर इजराइल-यूएस के हालिया हमलों ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। ऐसे में इजादी का मानना है कि यह कदम आर्थिक नुकसान की भरपाई और युद्ध जारी रखने के लिए जरूरी हो सकता है। उनका कहना है कि नेतृत्व पर हमलों के बावजूद ईरान कमजोर नहीं पड़ा है, बल्कि नए नेतृत्व का रुख पहले से ज्यादा सख्त नजर आ रहा है।
दुनिया के लिए क्यों बड़ी खबर?
अगर ईरान सच में होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाता है तो इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं रहेगा। तेल की कीमतें, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार इन सब पर इसका दबाव दिख सकता है।