खाड़ी क्षेत्र में हालात तेजी से बदल रहे हैं। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अब सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है। हर गुजरते दिन के साथ यह संघर्ष और ज्यादा खतरनाक रूप लेता दिख रहा है। ईरान की ओर से लगातार मिसाइल और रॉकेट दागे जा रहे हैं, जबकि इजरायल और अमेरिका भी जवाबी कार्रवाई तेज कर रहे हैं।
निजी मीडिया हाउस की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने तेल अवीव, हाइफा और यरुशलम जैसे बड़े शहरों को निशाना बनाया है। कई इलाकों में सायरन लगातार बज रहे हैं और लोग बंकरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
इजरायल के बड़े शहरों पर मिसाइल हमले
ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों ने इजरायल के कई अहम शहरों में तनाव बढ़ा दिया है। तेल अवीव, हाइफा और यरुशलम में कई जगह सायरन बजते रहे। इजरायल की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि कुछ मिसाइलों के टुकड़े शहरों के बाहरी इलाकों में गिरे, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
यरुशलम में रात भर सायरन बजते रहे, कई इलाकों में लोग बंकरों में रहे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स कहती हैं कि लोग अब इस युद्ध के लंबा खिंचने की आशंका से चिंतित हैं।
लेबनान से हिज्बुल्लाह ने खोला नया मोर्चा
इस युद्ध ने अब एक और मोर्चा खोल दिया है। लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह भी सक्रिय हो गया है। हिज्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान से एंटी-टैंक मिसाइल दागकर इजरायली सेना के एक सैन्य दल को निशाना बनाया। इस हमले में तीन इजरायली सैनिक घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद साफ हो गया है कि यह संघर्ष अब सिर्फ ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैलने का खतरा बढ़ गया है।
अमेरिका ने ईरान के ड्रोन कैरियर पर किया हमला
इस बीच अमेरिका ने भी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के एक ड्रोन कैरियर को अमेरिकी हमले में निशाना बनाया गया। हालांकि इस हमले में हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इससे संकेत मिलते हैं कि अमेरिका इस युद्ध में सीधे तौर पर अपनी ताकत दिखा रहा है।
सऊदी अरब ने हवा में ही गिराईं मिसाइलें
खाड़ी क्षेत्र में तनाव का असर अब सऊदी अरब तक पहुंच गया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रियाद के पास स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाकर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया। यह वही एयर बेस है जहां पहले अमेरिकी सैन्य विमान तैनात रहते थे। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है।
अमेरिका की नई चेतावनी
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ईरान पर हमले और तेज हो सकते हैं। उनका कहना था कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य ताकत अभी पूरी तरह इस्तेमाल भी नहीं हुई है। हेगसेथ ने कहा, अगर किसी को लगता है कि अब तक सबसे बड़ा हमला हो चुका है, तो शायद उन्हें थोड़ा इंतजार करना चाहिए। आने वाले दिनों में और बड़ा सैन्य अभियान देखने को मिल सकता है।
ट्रंप ने ईरान की सेना को दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर कड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस से कहा है कि वे हथियार डाल दें और ईरानी जनता के साथ खड़े हो जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हथियार छोड़ देंगे उन्हें माफी दी जा सकती है।
लेकिन अगर वे लड़ाई जारी रखते हैं, तो उनका अंत तय है। ट्रंप ने यह चेतावनी देते हुए दुनिया भर में मौजूद ईरानी राजनयिकों से भी शरण लेने और एक 'नए ईरान' के निर्माण में सहयोग की अपील की।
क्या बड़ा क्षेत्रीय युद्ध बन सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान, इजरायल, अमेरिका और हिज्बुल्लाह के बीच टकराव इसी तरह बढ़ता रहा तो यह संघर्ष पूरे मध्य-पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है। खाड़ी के कई देशों ने पहले ही सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है। और तेल बाजार से लेकर वैश्विक राजनीति तक, इस जंग के असर दिखाई देने लगे हैं।