तेहरान और खाड़ी क्षेत्र से आ रही खबरों के बीच सोमवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पहले ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत में अमेरिकी F-15 फाइटर जेट मार गिराए हैं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हुआ। अब अमेरिका ने तीन विमानों के गिरने की पुष्टि तो कर दी है, लेकिन वजह कुछ और बताई है।
United States Central Command (CENTCOM) ने कहा है कि तीनों F-15E स्ट्राइक ईगल जेट “फ्रेंडली फायर” में गिरे, यानी कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने गलती से उन्हें निशाना बना लिया।
कुवैत के एयर डिफेंस से हुई गलती
अमेरिका के मुताबिक, 1 मार्च को पूर्वी समयानुसार रात 11:03 बजे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के समर्थन में उड़ान भर रहे तीन F-15E Strike Eagle विमान कुवैत की हवाई सुरक्षा फायरिंग की चपेट में आ गए। बयान में कहा गया कि सभी छह चालक दल के सदस्य सुरक्षित बाहर निकल गए। उन्हें रेस्क्यू कर लिया गया है और उनकी हालत स्थिर है। कुवैत ने भी इस घटना को स्वीकार किया है।
अमेरिकी पक्ष ने कुवैती रक्षा बलों के सहयोग की सराहना भी की, और इसे युद्ध जैसी स्थिति में हुई 'दुर्भाग्यपूर्ण गलती' बताया।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई सनसनी
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में एक F-15E जेट को आसमान से नीचे गिरते हुए देखा जा सकता है। विमान के पिछले हिस्से से आग की लपटें निकल रही थीं, और कुछ सेकंड बाद पायलट इजेक्ट करते दिखाई दिए। पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिकी जेट को मार गिराया है। लेकिन अमेरिका ने साफ किया कि यह दुश्मन की कार्रवाई नहीं, बल्कि तकनीकी और समन्वय की चूक थी।
At 11:03 p.m. ET, March 1, three U.S. F-15E Strike Eagles flying in support of Operation Epic Fury went down over Kuwait due to an apparent friendly fire incident.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 2, 2026
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क्षेत्र में बढ़ता टकराव
शनिवार से शुरू हुई इस सैन्य टकराव की श्रृंखला अब खाड़ी देशों तक फैलती दिख रही है। ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल हमले का भी दावा किया था, हालांकि अमेरिका ने इसका खंडन किया है। इस बीच पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। यरुशलम में भी सायरन बजने और धमाकों की सूचना मिली।
ईरानी ड्रोन हमलों के बाद Saudi Aramco ने अपनी रास तनुरा रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इससे वैश्विक तेल बाजार में चिंता और बढ़ गई है।
नागरिक जीवन पर असर
इस संघर्ष का असर आम लोगों पर भी साफ दिख रहा है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई घंटों के लिए बंद करना पड़ा। कुछ नागरिक इमारतों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। हालांकि इन दावों और जवाबी दावों के बीच सच्चाई की स्वतंत्र पुष्टि मुश्किल बनी हुई है।
फिलहाल इतना तय है कि पिछले 72 घंटों में हालात तेजी से बदले हैं। फ्रेंडली फायर की यह घटना भी बताती है कि जब क्षेत्र में तनाव चरम पर हो, तो एक छोटी गलती कितनी बड़ी बन सकती है।