Trump Marine One Safety Breach

Trump Security Breach: राष्ट्रपति ट्रम्प के हेलिकॉप्टर के करीब पहुंचा यात्री विमान, FAA ने शुरू की जांच

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आधिकारिक हेलिकॉप्टर मरीन वन के करीब एक कमर्शियल विमान पहुंचने के बाद FAA ने सुरक्षा चूक की जांच शुरू कर दी है।

By : संजय चतुर्वेदी
Trump Security Breach: राष्ट्रपति ट्रम्प के हेलिकॉप्टर के करीब पहुंचा यात्री विमान, FAA ने शुरू की जांच

President Trump Security Breach

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आधिकारिक हेलिकॉप्टर मरीन वन की उड़ान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई है। व्हाइट हाउस से उड़ान भरने के दौरान मरीन वन और एक कमर्शियल यात्री विमान तय सुरक्षा दूरी से अधिक करीब आ गए। घटना के बाद अमेरिकी विमानन नियामक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

उड़ान के दौरान क्या हुआ?

यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुई, जब राष्ट्रपति ट्रम्प व्हाइट हाउस से जॉइंट बेस एंड्रूज के लिए रवाना हो रहे थे। उसी समय एनवॉय एयर का एक यात्री विमान रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों विमान सबसे नजदीक आने पर लगभग 1.3 किलोमीटर की दूरी पर थे, जबकि ऊंचाई में करीब 700 फीट का अंतर था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोनों विमान टक्कर की दिशा में नहीं थे और राष्ट्रपति की सुरक्षा को तत्काल कोई खतरा नहीं हुआ।

सुरक्षा चूक कैसे हुई?

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर की उड़ान के दौरान सामान्य तौर पर रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से कुछ समय के लिए कमर्शियल उड़ानों को रोक दिया जाता है। इस बार एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) समय पर यह प्रक्रिया लागू नहीं कर सका, जिसके कारण यात्री विमान ने भी टेकऑफ कर लिया। FAA अब यह जांच कर रहा है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं हुआ और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से चूक कैसे हुई।

कंट्रोल टावर को तीन बार दी गई सूचना

रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान से पहले मरीन वन के क्रू ने कंट्रोल टावर को तीन बार सूचित किया कि हेलिकॉप्टर तीन मिनट में उड़ान भरेगा। हालांकि रेडियो संचार स्पष्ट नहीं होने के कारण कंट्रोलर की ओर से कोई साफ जवाब नहीं मिला। निर्धारित समय पर मरीन वन ने उड़ान भरी। कुछ देर बाद कंट्रोलर ने हेलिकॉप्टर के पायलट को पास उड़ रहे यात्री विमान की जानकारी दी। पायलट ने दूसरे विमान को देखने की पुष्टि की और थोड़ी देर इंतजार करने के बाद आगे की उड़ान जारी रखी।

FAA के नियम क्या कहते हैं?

FAA के नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में दो विमानों के बीच कम से कम 2.4 किलोमीटर की क्षैतिज दूरी या 500 फीट की ऊंचाई का अंतर होना चाहिए। इस घटना में ऊंचाई का अंतर निर्धारित सीमा से अधिक था, लेकिन दोनों विमानों के बीच की दूरी घटकर लगभग 1.3 किलोमीटर रह गई। इसी कारण FAA ने इसे 'Loss of Safe Separation' यानी सुरक्षित दूरी के उल्लंघन का मामला माना है।

मरीन वन की सुरक्षा व्यवस्था

मरीन वन अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक हेलिकॉप्टर है और इसे दुनिया के सबसे सुरक्षित वीआईपी हेलिकॉप्टरों में गिना जाता है। इसकी उड़ान अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के विशेष रूप से प्रशिक्षित पायलट संचालित करते हैं। राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान रूट, मौसम और पूरे एयरस्पेस की पहले से सुरक्षा जांच की जाती है। सुरक्षा कारणों से अक्सर एक साथ कई समान हेलिकॉप्टर उड़ाए जाते हैं, ताकि राष्ट्रपति किस हेलिकॉप्टर में हैं, इसकी पहचान न हो सके।

2025 की दुर्घटना के बाद बने थे कड़े नियम

29 जनवरी 2025 को रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के पास एक यात्री विमान और अमेरिकी सेना के ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर की टक्कर में 67 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद FAA ने वीआईपी और सैन्य उड़ानों के दौरान कमर्शियल विमानों की आवाजाही को लेकर नियम और सख्त कर दिए थे। नए नियमों के तहत राष्ट्रपति या सैन्य हेलिकॉप्टर की कम ऊंचाई वाली उड़ान के दौरान आसपास से किसी भी कमर्शियल विमान को टेकऑफ या लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जाती। एयर ट्रैफिक कंट्रोल को पहले पूरे एयरस्पेस की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होती है।

एयर ट्रैफिक कंट्रोल की क्या जिम्मेदारी होती है?

एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) रडार और रेडियो के माध्यम से विमानों की ऊंचाई, गति और दिशा पर लगातार नजर रखता है। कंट्रोलर पायलटों को निर्देश देकर विमानों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखते हैं। यदि तय सुरक्षा दूरी का पालन नहीं होता, तो इसे 'Loss of Safe Separation' माना जाता है। विमानन क्षेत्र में इसे गंभीर सुरक्षा चूक की श्रेणी में रखा जाता है, खासकर जब मामला राष्ट्रपति या अन्य वीआईपी उड़ानों से जुड़ा हो।

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