रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप केस में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। ऐप के सह संस्थापक रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में गिरफ्तार कर लिया गया है। भारतीय एजेंसियां अब उसे जल्द से जल्द देश लाने के लिए कानूनी और कूटनीतिक स्तर पर काम कर रही हैं। खबरों के मुताबिक इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसी के आधार पर यूएई के स्थानीय प्रशासन ने उसे पकड़ा।
सौरभ चंद्राकर के बाद कसा रवि उप्पल पर शिकंजा
कुछ दिन पहले ही रवि के करीबी साथी और इसी केस के दूसरे सह संस्थापक सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया था। ओमान की अदालत से मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने एक नवंबर को उसे हिरासत में लिया। मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है। अफसरों का कहना है कि दोनों आरोपी भारत से भागने के बाद लगातार अपनी लोकेशन और पहचान छिपाते रहे। अब एजेंसियों ने उनके छिपने के रास्ते एक एक करके बंद कर दिए हैं।
वानातू का पासपोर्ट और भिलाई से रिश्ता
जांच एजेंसियों के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक रवि और सौरभ ने दक्षिण प्रशांत महासागर के छोटे से द्वीप देश वानातू से पासपोर्ट हासिल किए थे। अफसरों का दावा है कि दोनों छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर के रहने वाले हैं। वहीं से उन्होंने अपने अवैध कारोबार की जड़ें जमाईं। ईडी ने अक्तूबर 2023 में ही अपनी चार्जशीट में रवि उप्पल का नाम शामिल कर दिया था। उसमें कहा गया था कि वह अपराध से भारी अवैध कमाई जुटा रहा था और पैसे की हेराफेरी में सीधे शामिल था।