कौन हैं इरफान सोलतानी? खामेनेई सरकार से आजादी की मांग पर सीधे मिली फांसी

कौन हैं इरफान सोलतानी? खामेनेई सरकार से आजादी की मांग पर सीधे मिली फांसी

ईरान में जारी खामेनेई सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच 26 वर्षीय इरफान सोलतानी को पहली बार फांसी दिए जाने की तैयारी है।

By : स्वदेश डेस्क
कौन हैं इरफान सोलतानी? खामेनेई सरकार से आजादी की मांग पर सीधे मिली फांसी

तेहरानः ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सरकार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों में अब हालात और गंभीर होते दिख रहे हैं। साथ ही एक बुरी खबर भी सामने आई है। विरोध के बीच देश में पहली बार किसी प्रदर्शनकारी को फांसी की सजा देने की तैयारी की जा रही है। यह सजा 26 वर्षीय इरफान सोलतानी को दी जा रही है। युवक पर ईरान की धार्मिक सत्ता ने 'ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने' का आरोप लगाया है।

दरअसल, ईरान में दिसंबर के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुके हैं। अब तक 650 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच विरोध प्रदर्शन में शामिल 10 हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। विशेषज्ञ इसे 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद धार्मिक शासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती मान रहे हैं। इसी बीच प्रदर्शन में शामिल युवक को फांसी देने की जानकारी सामने आई है।

14 जनवरी को दी जा सकती है फांसी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोलतानी के परिवार को 11 जनवरी को सूचना दी गई कि उन्हें फांसी की सजा दी जा चुकी है और 14 जनवरी को उन्हें फांसी दी जा सकती है। सजा सुनाए जाने के बाद परिवार को उनसे केवल 10 मिनट की छोटी सी मुलाकात की अनुमति दी गई।

कौन हैं इरफान सोलतानी?

इरफान सोलतानी ईरान की राजधानी तेहरान के पास स्थित कराज शहर के फरदिस इलाके के रहने वाले हैं। उन्हें 8 जनवरी के दिन गिरफ्तार किया गया था। इरफान पर खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप है। गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद उन्हें मौत की सजा सुना दी गई।

कानूनी अधिकारों से वंचित रहने का आरोप

ईरान में सुनाए गए इस फैसले को लेकर मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि इरफान सोलतानी को गिरफ्तारी के बाद बुनियादी कानूनी अधिकारों से वंचित रखा गया। उन्हें न तो किसी वकील से मिलने दिया गया और न ही अपने बचाव में कुछ कहने का मौका मिला।

इतना ही नहीं सोलतानी की बहन, जो खुद एक लाइसेंस प्राप्त वकील हैं, को भी केस फाइल देखने की अनुमति नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि गिरफ्तारी किस आदेश पर और किस आरोप में की गई।

अंतरराष्ट्रीय संगठनों की अपील

ईरान में लोकतंत्र के लिए राष्ट्रीय संघ (NUFD) और अन्य मानवाधिकार संगठनों ने इस फांसी को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है। संगठनों का कहना है कि इरफान सोलतानी का 'एकमात्र अपराध' स्वतंत्रता और बेहतर जीवन की मांग करना था।

विश्लेषकों का मानना है कि यह फांसी विरोध प्रदर्शनों को दबाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। इससे पहले सरकार प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी जैसे कठोर कदम उठा चुकी है, लेकिन अब सार्वजनिक फांसी के जरिए डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

बढ़ सकता है मौतों का आंकड़ा

ईरान मानवाधिकार संगठन ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में फांसी और मौतों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। इरफान सोलतानी उन हजारों लोगों में शामिल हैं, जिन्हें हाल के हफ्तों में विरोध प्रदर्शनों के चलते जेल भेजा गया है। आपको बता दें कि ईरान में इससे पहले भी विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए मौत की सजा देने की कार्रवाई की गई है। इसमें ज्यादातर मामलों में गोली मारकर मौत दी गई है। लेकिन, वर्तमान प्रदर्शन में फांसी की सजा दिए जाने का यह पहला मामला कहा जा रहा है।

क्यों हो रहे हैं विरोध प्रदर्शन

ईरान में विरोध प्रदर्शन दिसंबर के अंत से देखे जा रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन की वजह ईरानी मुद्रा के मूल्य में भारी गिरावट आई और महंगाई बेकाबू हुई, तब बाजारों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब सीधे मौलवी शासन के खिलाफ जनविद्रोह बन चुका है।

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