उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम पूजा को लेकर शुरू हुआ विवाद चार लोगों की मौत और कई घंटे चले पुलिस ऑपरेशन में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या की, फिर तीन बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। बाद में एक बच्चे की भी गोली लगने से मौत हो गई और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद मारा गया।
घटना अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव की है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 6 बजे अरविंद घर पहुंचा था। वहां पूजा चल रही थी। इसी दौरान उसका पत्नी और पूजा करा रहे पुजारियों से विवाद हुआ। पुजारियों से आधार कार्ड मांगने के बाद मामला बढ़ गया और उसने फायरिंग कर दी। इसमें पत्नी बबीता सिंह और पुजारी महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई।
तीन बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया
फायरिंग के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों को लेकर एक कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घर को घेर लिया। अधिकारियों ने कई घंटे तक उसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और सरेंडर करने के लिए समझाया। बाद में ATS और SOG की टीम भी मौके पर पहुंची।पुलिस के मुताबिक, करीब सात घंटे तक ऑपरेशन चला। इसी दौरान अरविंद ने एक बच्चे पर भी गोली चला दी। बच्चे की मौत हो गई। इस बीच पुलिस की कोशिश बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, बाकी बच्चों को पुलिस ने बाहर निकाला।
स्टन ग्रेनेड और टियर गैस के बाद घर में दाखिल हुई टीम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को लगातार सरेंडर के लिए समझाया जा रहा था। लेकिन कमरे के भीतर से फायरिंग होने के बाद कमांडो टीम ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया और घर के अंदर दाखिल हुई।पुलिस का कहना है कि इसके बाद अरविंद ने लाइसेंसी हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। घायल हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
पूजा को लेकर क्या था विवाद?
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, परिवार की ओर से घर में पूजा कराई जा रही थी। परिवार को अरविंद के व्यवहार और शराब पीने को लेकर चिंता थी। पुलिस के अनुसार, परिवार के कुछ लोगों को उसके ऊपर कथित तौर पर भूत-प्रेत का साया होने की आशंका थी, जिसके चलते पूजा कराई जा रही थी। अरविंद इस पूजा के विरोध में था।पुजारी के बेटे हिमांशु मिश्रा ने भी बताया कि अरविंद घर पहुंचने के बाद पूजा को लेकर नाराज हुआ और मौजूद लोगों से सवाल-जवाब करने लगा। इसके बाद विवाद बढ़ा और फायरिंग शुरू हो गई।
कई घंटे तक गांव में बना रहा तनाव
घटना की सूचना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घर को चारों तरफ से घेरकर आसपास के लोगों को दूर रखा गया। बाद में ATS और SOG की टीम ने ऑपरेशन संभाला।