नई दिल्लीः दिल्ली हाईकोर्ट ने रेसकोर्स मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए अंतरिम इजाजत देने से इनकार कर दिया है । कोर्ट ने कहा कि आसपास तोड़फोड़ का काम चल रहा है और ऐसे में लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। हालांकि अदालत ने मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई पर चार हफ्ते तक रोक लगाने की केंद्र सरकार की बात को दर्ज किया है।
सुरक्षा कारणों से नमाज की इजाजत नहीं
जस्टिस अनीश दयाल की पीठ के सामने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि इलाके में तोड़फोड़ का काम चल रहा है । ऐसे में मस्जिद में लोगों को आने-जाने की इजाजत देना सुरक्षित नहीं है। सरकार ने यह भी बताया कि परिसर में मौजूद मंदिर में भी लोगों के प्रवेश पर रोक है।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि तोड़फोड़ का काम पूरा हो चुका है, हालांकि कोर्ट ने इस दलील के आधार पर नमाज की इजाजत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने सवाल उठाया कि अगर इस दौरान कोई घायल होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
मस्जिद पर चार हफ्ते तक कार्रवाई नहीं
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने कहा कि वह अगले चार हफ्ते तक मस्जिद के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं करेगा । इस दौरान दिल्ली वक्फ बोर्ड की ओर से 19 अक्टूबर को दिए गए आवेदन पर फैसला लिया जाएगा।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को मामले की स्थिति पर रिपोर्ट और तस्वीरें पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी फिलहाल मस्जिद में नमाज की इजाजत नहीं मिली है, जबकि उसके खिलाफ कार्रवाई पर चार हफ्ते की रोक रहेगी।