दुर्ग। छत्तीसगढ़ में निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच एक बार फिर लोगों को भारी पड़ गया। दुर्ग जिले में एक ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर 23 लाख रुपये निवेश कराने और बाद में रकम वापस नहीं करने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद उतई पुलिस ने दो आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित का आरोप है कि पहले नियमित ब्याज देकर भरोसा बनाया गया। इसके बाद बड़ी रकम निवेश कराई गई। जब भुगतान रुक गया और पैसे वापस मांगे गए तो आरोपितों ने जिम्मेदारी से हाथ खींच लिया।
झांसे की शुरुआत ऐसे हुई
ग्राम जोरातरई निवासी दीपक कुमार अहिरवार ने पुलिस को बताया कि उनकी पहचान परिचित ललित साहू के जरिए तृप्ति साहू से हुई थी। तृप्ति ने खुद को रेम्बो इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनी की लीडर बताते हुए दावा किया कि कंपनी हर महीने 10 से 12 प्रतिशत ब्याज देगी और 28 महीने में निवेश की गई रकम चार गुना हो जाएगी। अपनी आर्थिक स्थिति और कमाई का उदाहरण देकर उसने निवेश के लिए प्रेरित किया।
पहले भरोसा जीता फिर बढ़ता गया निवेश
शिकायत के अनुसार दीपक ने 28 फरवरी 2024 को पांच लाख रुपये नकद निवेश किए। इसके बाद उनके नाम से एक ट्रेडिंग आईडी बनाई गई और करीब एक महीने बाद 45 हजार रुपये ब्याज भी दिया गया। शुरुआती भुगतान मिलने से भरोसा बढ़ा तो तृप्ति के कहने पर उन्होंने एक्सिस बैंक से 15 लाख रुपये का लोन लिया। इसमें से 14 लाख रुपये निखिल पिल्लई के नाम से बताए गए बैंक खाते में जमा कराए गए।
परिजनों और दोस्तों से भी जुटाई रकम
आरोप है कि निवेश बढ़ाने के लिए तृप्ति ने दीपक से अपने रिश्तेदारों और परिचितों को भी कंपनी से जोड़ने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने अपने भाई रवि चौरिया से दो लाख रुपये, दोस्त कामेश्वर यादव से एक लाख रुपये और रिश्तेदार अनीता बघेल से एक लाख रुपये लेकर भी निवेश कराया। इस तरह कुल 23 लाख रुपये कंपनी में लगाए गए।
ब्याज रुका तो बंद हो गया संपर्क
पीड़ित के मुताबिक अप्रैल 2024 के बाद ब्याज मिलना बंद हो गया। पूछने पर कंपनी का सिस्टम अपडेट होने की बात कहकर टालमटोल की जाती रही। बाद में मोबाइल भी बंद कर दिया गया। जब पूरी रकम लौटाने की मांग की गई तो जवाब मिला कि निवेश अपनी जिम्मेदारी पर किया गया था। इसके बाद उतई थाने में शिकायत दी गई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला मानते हुए तृप्ति साहू और निखिल पिल्लई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।