Gwalior Moorakh Sammelan: Jai Singh Kushwaha Gets

ग्वालियर में 45वां ‘मूर्ख सम्मेलन’: साडा के पूर्व अध्यक्ष बने इस साल के महामूर्ख, हंसी के ठहाकों से गूंजा महाराज बाड़ा

ग्वालियर के महाराज बाड़ा में 45वां मूर्ख सम्मेलन आयोजित। पूर्व साडा अध्यक्ष जय सिंह कुशवाहा को मिला ‘महामूर्ख’ सम्मान, हास्य कवियों ने बांधा समा।

By : स्वदेश डेस्क
ग्वालियर में 45वां ‘मूर्ख सम्मेलन’: साडा के पूर्व अध्यक्ष बने इस साल के महामूर्ख, हंसी के ठहाकों से गूंजा महाराज बाड़ा

होली की पड़वा पर ग्वालियर का मशहूर ‘मूर्ख सम्मेलन’ एक बार फिर रंगों और ठहाकों के साथ सजा। शहर के ऐतिहासिक महाराज बाड़ा स्थित विक्टोरिया मार्केट में आयोजित इस अनोखे कार्यक्रम में इस साल ग्वालियर साडा के पूर्व अध्यक्ष जय सिंह कुशवाहा को ‘महामूर्ख सम्मान’ से नवाजा गया.कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मंच पर हास्य कवियों की प्रस्तुतियों के बीच लगातार ठहाके गूंजते रहे, और पूरा महाराज बाड़ा जैसे कुछ देर के लिए हंसी के रंग में डूब गया।

45 साल से जारी है अनोखी परंपरा

ग्वालियर में आयोजित होने वाला यह मूर्ख सम्मेलन अब अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। इस साल इसका 45वां आयोजन किया गया.इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 1980 में ग्वालियर विकास समिति के मनमोहन घायल ने की थी। तब से हर साल होली की पड़वा पर यह सम्मेलन आयोजित होता है.हालांकि कोरोना काल के दौरान दो साल यह कार्यक्रम नहीं हो सका, लेकिन उसके बाद फिर से उसी उत्साह के साथ यह परंपरा जारी है।

कवियों की जमात, ठहाकों से गूंजा मंच

मूर्ख सम्मेलन की सबसे खास बात इसका हास्य कवि सम्मेलन होता है। इस बार भी कई जाने-माने कवियों ने मंच संभाला.सम्मेलन में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से कवि हरीश हंगामा, नरसिंहपुर के डॉ. शंकर साहस, भोपाल की सुनीता पटेल, इंदौर के दिनेश भारती, और ग्वालियर के अमित चितवन व विवेक रैंचो शामिल हुए.कार्यक्रम की शुरुआत में कवि श्याम लॉकर ने हास्य रचनाएं सुनाईं, जिसके बाद माहौल पूरी तरह से हल्का-फुल्का और रंगीन हो गया।

सैकड़ों लोग पहुंचे सम्मेलन देखने

मूर्ख सम्मेलन हर साल होली की पड़वा की शाम आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम आमतौर पर शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक चलता है.इस बार भी सैकड़ों लोग इसे देखने पहुंचे। ग्वालियर के अलावा आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी लोग यहां आते हैं। इस सम्मेलन में मंच पर वही हास्य कवि शामिल हो सकते हैं जिन्हें आयोजकों द्वारा आमंत्रित किया गया हो। कोई भी व्यक्ति सीधे मंच पर प्रस्तुति नहीं दे सकता.अगर किसी को मंच का हिस्सा बनना हो तो पहले आयोजक प्रेम बरौनिया से अनुमति लेनी पड़ती है. आयोजन में ग्वालियर के अलावा भिंड, मुरैना, शिवपुरी, दतिया, डबरा, झांसी, मथुरा और दिल्ली से भी लोग पहुंचते हैं। यही वजह है कि यह सम्मेलन अब एक लोकप्रिय सांस्कृतिक परंपरा बन चुका है।

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इन्हें भी मिल चुका है ‘महामूर्ख’ सम्मान

इस सम्मेलन में पिछले वर्षों में कई प्रसिद्ध लोगों को ‘महामूर्ख सम्मान’ दिया जा चुका है. इनमें हास्य कवि गोविंद सिंह गुरु, हरीश हंगामा, डॉ. शंकर साहस और दिनेश भारती के साथ ही भाजपा विधायक नारायण सिंह कुशवाहा, कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार, पूर्व विधायक प्रवीण पाठक जैसे नाम शामिल हैं.वरिष्ठ पत्रकार राकेश अचल और राम विद्रोही को भी इस मंच से सम्मान मिल चुका है।

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