Heramb Ganpati Puja And Significance

हेरम्ब गणपति: नेपाल से बिलासपुर और दक्षिण भारत तक होती है पूजा, सिंह पर सवार पंचमुखी रूप की मान्यता

हेरम्ब गणपति भगवान गणेश का दुर्लभ पंचमुखी-दशभुज स्वरूप है। सिंह पर सवार इस रूप को रक्षक, निर्भयता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। छत्तीसगढ़ के मल्हार में इसकी विशाल प्रतिमा के अवशेष मिले हैं।

By : संजय चतुर्वेदी
हेरम्ब गणपति: नेपाल से बिलासपुर और दक्षिण भारत तक होती है पूजा, सिंह पर सवार पंचमुखी रूप की मान्यता

chaturthi heramb Ganesh Significance

अमित चौहान, रायपुर। भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व रहता है। इस त्योहार के बीच छत्तीसगढ़ में  उनके दुर्लभ स्वरूप ‘हेरम्ब गणपति’ की चर्चा प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ती है। बिलासपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर मल्हार, जो 10वीं-11वीं शताब्दी में कल्चुरी शासनकाल की भव्य नगरी रही, वहां पुरातात्विक उत्खनन के दौरान करीब 11 फीट ऊंची पंचमुखी हेरम्ब गणपति प्रतिमा के अवशेष मिले। प्रतिमा के पांच मुख और दस हाथ हैं, जिनमें अस्त्र-शस्त्र हैं तथा वाहन सिंह माना जाता है। इसका विशाल धड़ मिलने के बाद एक खेत में दबा सिर भी मिला, जिसके आधार पर इतिहासकारों और पुरातत्वविदों ने इसे हेरम्ब रूप के रूप में पहचाना।

हेरम्ब स्वरूप का उल्लेख स्कंद पुराण, पद्म पुराण और गणेश पुराण सहित प्राचीन ग्रंथों में मिलता है और नेपाल में इसकी विशेष मान्यता है। छत्तीसगढ़ में ऐसी दूसरी प्रतिमा अब तक नहीं मिली है। मल्हार के पातालेश्वर मंदिर में गणेश के स्त्री स्वरूप वैनायकी की दुर्लभ प्रतिमा भी मौजूद है, जो इस क्षेत्र की प्राचीन कला परंपरा व अध्यात्म को और विशिष्ट बनाती है।

भगवान गणेश के 32 स्वरूपों में से ग्यारहवां रूप

भगवान गणेश का ‘ग्यारहवां स्वरूप हेरम्ब गणपति’ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में वर्णित गणेश के 32 स्वरूपों में हेरम्ब गणपति का स्वरूप विशेष रूप से रक्षक, करुणामयी और निर्बलों के सहायक के रूप में वर्णित है। सामान्यत: भगवान गणेश का वाहन मूषक माना जाता है, लेकिन हेरम्ब गणपति ‘सिंह पर आरूढ़’ दिखाई देते हैं। सिंह उनके पराक्रम, निर्भयता और रक्षक स्वरूप का प्रतीक माना जाता है।

माता पार्वती की रक्षा हेतु उत्पत्ति 

मुद्गल पुराण के अनुसार, जब सिंधु नाम के महाबली असुर ने तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया, तो उसने देवताओं को स्वर्ग से निष्कासित कर दिया। जब उस असुर ने माता पार्वती पर आक्रमण किया, उस समय भगवान शिव गहरे ध्यान में लीन थे। माता पार्वती ने रक्षा के लिए अपनी ही आंतरिक शक्ति और करुणा से एक अत्यंत उग्र और रक्षक स्वरूप का आह्वान किया। माता की पुकार पर भगवान गणेश पांच मुखों के साथ साक्षात् सिंह पर सवार होकर प्रकट हुए, जिसे हेरंब गणपति कहा गया। उन्होंने असुरों का संहार कर माता पार्वती और अन्य देवताओं को निर्भयता का दान दिया। दूसरी शिव-पार्वती के पुनर्मिलन और काशी मुक्ति की कथा भी प्रचलित है। 

पंच गणपति का संयुक्त स्वरूप

मुद्गलपुराण, गणेशपुराण और तत्त्वनिधि जैसे धार्मिक ग्रंथों में हेरम्ब गणपति का उल्लेख मिलता है। मान्यता के अनुसार, हेरम्ब गणपति को पंच गणपति का संयुक्त अवतार माना गया है। महागणपति, सिद्धि गणपति, विद्या गणपति, शक्ति गणपति और मोक्ष गणपति को पंच गणपति कहा जाता है। हेरम्ब गणपति के पांच मुखों को भगवान शिव, भगवान विष्णु, भगवान ब्रह्मा, देवी शक्ति और भगवान सूर्य का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में पांचों मुखों का संबंध प्रकृति के पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु और आकाश जैसे पंचतत्वों से भी जोड़ा जाता है।

वाराणसी में हेरम्ब 56 विनायकों में शामिल

हेरंब स्वरूप विशेष रूप से रक्षक, संकटमोचक और तांत्रिक साधना से जुड़ा माना जाता है। इसकी पूजा मुख्य रूप से नेपाल, काशी और दक्षिण भारत के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित है। नेपाल के नेवार समाज में इनकी आराधना की विशेष परंपरा है। वाराणसी में हेरंब विनायक को 56 विनायकों में शामिल माना जाता है। तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवारूर तथा कर्नाटक के मैसूर और नंजनगुड में भी इनके मंदिर व प्रतिमाएं मिलती हैं। राजस्थान के बीकानेर और मध्य प्रदेश के खंडवा में भी हेरंब गणपति के प्रसिद्ध स्वरूप मौजूद हैं। 

रक्षक और साहस का संदेश देता है स्वरूप

भगवान गणेश के इस स्वरूप की सबसे प्रमुख विशेषता उनका वाहन सिंह है। उनकी आठ भुजाओं में विभिन्न आयुध और पूजन सामग्री दिखाई देती हैं, जबकि दो हाथ अभय और वरद मुद्रा में होते हैं। उनके हाथों में फरसा, पाश, जपमाला, पुष्पमाला, फल, हथौड़ा, मोदक और उनका खंडित दंत सुशोभित रहते हैं। 

व्रत और पूजा से गणेश कृपा की कामना

हिंदू पंचांग की अमांत परंपरा के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, जबकि पूर्णिमांत परंपरा के अनुसार, भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है।

संबंधित सामग्री

Mahadev App Big News: सौरभ के बाद रवि उप्पल यूएई में गिरफ्तार, महादेव ऐप केस में भारत लाने की तैयारी

Mahadev App Big News: सौरभ के बाद रवि उप्पल यूएई में गिरफ्तार, महादेव ऐप केस में भारत लाने की तैयारी

महादेव ऐप के सह संस्थापक रवि उप्पल को यूएई में गिरफ्तार किया गया है। सौरभ चंद्राकर के बाद अब उसे भी भारत लाने की तैयारी है। एजेंसियां प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में जुटी हैं।

Nov 04, 2026
Bhopal Former IPS Murder: आईएएस ब्रांड है इसलिए मारा, पूर्व IAS के हत्यारे वरुण ने पुलिस को बताई वजह

Bhopal Former IPS Murder: आईएएस ब्रांड है इसलिए मारा, पूर्व IAS के हत्यारे वरुण ने पुलिस को बताई वजह

पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या के आरोपी वरुण कुमार ने पुलिस पूछताछ में बेखौफ बयान दिए हैं। उसने कहा कि आईएएस ब्रांड है, इसलिए मार दिया।

Nov 04, 2026
Women Premier League:  का पांचवां सीजन 14 जनवरी से, पहली टक्कर RCB और MI की, फाइनल 7 फरवरी को

Women Premier League: का पांचवां सीजन 14 जनवरी से, पहली टक्कर RCB और MI की, फाइनल 7 फरवरी को

विमेंस प्रीमियर लीग का पहला मुकाबला 14 जनवरी को वडोदरा में RCB और मुंबई इंडियंस के बीच खेला जाएगा। 5 टीमें 22 मैच खेलेंगी और फाइनल 7 फरवरी को होगा।

Nov 04, 2026
MP Police IPS Reshuffle: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में 8 IPS के प्रभार बदले, अवधेश गोस्वामी PSO से DGP बने

MP Police IPS Reshuffle: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में 8 IPS के प्रभार बदले, अवधेश गोस्वामी PSO से DGP बने

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में 8 आईपीएस अफसरों के प्रभार बदले गए हैं। अवधेश गोस्वामी को पीएसओ से डीजीपी और विनीत कपूर को साइबर की जिम्मेदारी मिली है।

Nov 04, 2026
Twisha Sharma Case: त्विषा शर्मा मौत केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत खारिज, HC ने बताए ये आधार

Twisha Sharma Case: त्विषा शर्मा मौत केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत खारिज, HC ने बताए ये आधार

त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने चैट और सीसीटीवी फुटेज को अहम माना।

Nov 04, 2026