मध्यप्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई और महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा।
6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज को मंजूरी
कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य के 6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। ये कॉलेज निम्न जिलों में खोले जाएंगे:
- राजगढ़
- मंडला
- नीमच
- मंदसौर
- शिवपुरी
- सिंगरौली
इन मेडिकल कॉलेजों के शुरू होने से प्रदेश में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
सागर में 286 करोड़ की सिंचाई परियोजना को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना को भी हरी झंडी दी गई। इस परियोजना पर लगभग 286 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे करीब 7200 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है।
भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक
बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। बैठक से पहले उन्होंने कहा कि राज्य में महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कॉलेज स्तर पर जागरूकता गतिविधियां शामिल होंगी।
कृषि और सब्सिडी से जुड़े बड़े फैसले
बैठक में किसानों के लिए भी राहतभरे निर्णय लिए गए। केंद्र सरकार द्वारा खरीफ 2026 के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर 41,833 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा कृषि मैकेनाइजेशन योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया, ताकि किसानों को आधुनिक उपकरणों का लाभ मिलता रहे।
दूध उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी
प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। सरकार के अनुसार दूध उत्पादन 9.4 लाख लीटर से बढ़कर 12.4 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंच गया है। यह लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। कैबिनेट बैठक में यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई। इसमें बताया गया कि वर्ष 2024-25 में जहां राज्य का दुग्ध उत्पादन लगभग 9.4 लाख लीटर प्रतिदिन था, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर करीब 12.4 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। सरकारी अनुमान के अनुसार, पहले दो वर्षों में उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन यह लक्ष्य लगभग एक वर्ष में ही पार करते हुए 25 प्रतिशत तक पहुंच गया।
बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं जारी रहेंगी
लोक निर्माण विभाग की चार चल रही परियोजनाओं को भी निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इससे सड़क और आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी।

सामाजिक योजनाओं को जारी रखने का फैसला
कैबिनेट ने मिशन शक्ति, संबल योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मध्यान्ह भोजन योजना और हेल्पलाइन 181 जैसी सामाजिक योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है।