संसद में अधिनियम आने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया नारी शक्ति वंदन
राज्य के 30 प्रतिशत जिलों की कमान अब महिलाओं के हाथों में होगी। गुरुवार देर रात हुए प्रशासनिक फेरबदल के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भरोसा जताया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव के बाद महिला कलेक्टरों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। 55 जिलों वाले प्रदेश में यह भागीदारी लगभग 30.90 प्रतिशत है।
इनमें वर्ष 2015 बैच की आईएएस अधिकारी सुश्री शीला दाहिमा को श्योपुर और श्रीमती विदिशा मुखर्जी को मैहर जिले में पहली बार कलेक्टर पद पर पदस्थ किया गया है। इसके अलावा उमरिया की कलेक्टर के रूप में राखी सहाय का नाम भी शामिल है। ये तीनों अधिकारी लंबे समय से अन्य विभागों में दायित्व निभा रही थीं और अब उन्हें जिला स्तर की स्वतंत्र जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार ने बेहतर कार्य करने वाली महिला अधिकारियों पर भी भरोसा जताया है। रीवा की कलेक्टर रहीं 2012 बैच की प्रतिभा पाल को सागर की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि झाबुआ में कुपोषण के खिलाफ अभियान चलाने वाली 2014 बैच की नेहा मीणा को सिवनी जिले का कलेक्टर बनाया गया है।
उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा महिला कलेक्टर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह संभाग उज्जैन में सबसे अधिक महिला कलेक्टर पदस्थ हैं। 10 संभागों में उज्जैन अकेला ऐसा संभाग है, जहां 7 जिलों में से 4 जिलों की कमान महिला अधिकारियों के हाथ में है। इनमें रतलाम में मिशा सिंह, शाजापुर में ऋजु बाफना, आगर मालवा में प्रीति यादव और मंदसौर में अदिति गर्ग शामिल हैं।
गृह विभाग भी महिलाओं के जिम्मे
प्रदेश का गृह विभाग भी महिला अधिकारियों के जिम्मे सौंपा गया है। वर्ष 2008 बैच की अधिकारी शिल्पा गुप्ता को यहां पदस्थ किया गया है, जबकि 2007 बैच की आईपीएस अधिकारी कृष्णा वेणी देशावतु पहले से सचिव के रूप में कार्यरत हैं। उल्लेखनीय है कि गृह विभाग में दो सचिव होते हैं, जिनमें एक आईपीएस अधिकारी होता है।
इन जिलों में महिला कलेक्टर
खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, निवाड़ी, नरसिंहपुर, सिवनी और डिंडोरी जिलों में महिला कलेक्टरों की नियुक्ति की गई है।
नारी शक्ति वंदन अभियान से जुड़ा कदम
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को केंद्र सरकार जल्द संसद में पेश कर सकती है। इससे पहले मध्यप्रदेश सरकार 10 से 25 अप्रैल तक ‘नारी शक्ति वंदन’ अभियान चला रही है। इसी के तहत प्रशासनिक स्तर पर महिलाओं को जिम्मेदारी देकर सशक्तिकरण का संदेश दिया गया है।
अच्छे काम करने वालों को मिली नई जिम्मेदारी
सरकार ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाकर नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं धार में पीएम मित्र पार्क और भोजशाला विवाद समाधान में भूमिका निभाने वाले प्रियांक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा सोनिया मीना को कलेक्टर सागर से श्रम आयुक्त इंदौर, शीतला पटले को सिवनी से लोक सेवा आयोग इंदौर में सचिव पद पर पदस्थ किया गया है। श्रीकांत बनोठ को नर्मदापुरम का संभागायुक्त और कृष्ण गोपाल तिवारी को आयुक्त सामाजिक न्याय बनाया गया है।
जल्द आएगी नई पदस्थापना सूची
अखिल भारतीय सेवा के 26 अधिकारियों के तबादले के बाद जल्द ही नई पदस्थापना सूची जारी हो सकती है। यह फेरबदल आगामी यूसीसी और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को ध्यान में रखकर किया गया माना जा रहा है।
पुलिस विभाग में भी होगी बड़ी सर्जरी
प्रशासनिक फेरबदल के साथ पुलिस विभाग में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार करीब 20 जिलों के पुलिस अधीक्षकों के तबादले संभव हैं। खंडवा, भिंड, धार, रीवा और झाबुआ जैसे संवेदनशील जिलों में नए एसपी की तैनाती की जा सकती है।