प्रमोद शर्मा, हापुड़: बरसात के मौसम में बच्चों पर डायरिया और डिहाइड्रेशन के बढ़ते खतरे के बीच सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड हॉस्पिटल (सिम्स) हापुड़ ने "ओआरएस सप्ताह-2026" के तहत ऐसा जनजागरूकता अभियान चलाया, जिसने स्वास्थ्य शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी संदेश दिया। दो दिवसीय अभियान में मेडिकल विद्यार्थियों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न्स, मरीजों और उनके परिजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का मूल संदेश था—"डिहाइड्रेशन से बचें, ओआरएस अपनाएं और हर बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करें।"
विद्यार्थियों ने दी ओआरएस की जानकारी
अभियान की शुरुआत डिजिटल पोस्टर प्रस्तुति से हुई, जिसमें एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने ओआरएस की सही तैयारी, उपयोग, संरचना और डायरिया से बचाव में इसकी जीवनरक्षक भूमिका पर वैज्ञानिक एवं शोध आधारित जानकारी प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने बताया कि समय पर ओआरएस का उपयोग बच्चों को गंभीर डिहाइड्रेशन और जानलेवा जटिलताओं से बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है। साथ ही स्वच्छता, संतुलित पोषण और समय पर उपचार के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
नुक्कड़ नाटक रहा आकर्षक केंन्द्र
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक केंद्र प्रथम वर्ष के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। इस प्रस्तुति ने अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और तीमारदारों को सरल भाषा में समझाया कि दस्त होने पर घबराने के बजाय तुरंत ओआरएस देना, स्तनपान जारी रखना, स्वच्छ पानी का उपयोग करना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना कितना जरूरी है। नाटक ने उपस्थित लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए स्वास्थ्य जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया।
इसके बाद आयोजित पोस्टर प्रदर्शनी में ओआरएस की सही विधि, जिंक थेरेपी, बच्चों का पोषण, डायरिया की रोकथाम और स्वच्छ पेयजल जैसे विषयों पर आकर्षक पोस्टर प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच शैक्षणिक चर्चा को बढ़ावा दिया, वहीं मरीजों और उनके परिजनों को भी उपयोगी जानकारी मिली।
विभागाध्यक्ष के मार्गदर्शन में हुआ कार्यक्रम
पूरा कार्यक्रम बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. योगेश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इसमें डॉ. भावना कोहली, डॉ. हीरू नवनी, डॉ. भरत गुप्ता, डॉ. आफिया खान, डॉ. पल्लवी गुप्ता, डॉ. दिव्या जैन, डॉ. आशीष चौहान, डॉ. भावेश और डॉ. स्वाति सहित विभाग के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्थान की प्राचार्या डॉ. बरखा गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मेजर जनरल सी.एस. आहलुवालिया, सीनियर एडवाइजर ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. सहगल, निदेशक रघुवर दत्त तथा जीएम एन. वर्धराजन ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और बच्चों में रोकी जा सकने वाली बीमारियों से होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सिम्स ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि समय पर दिया गया ओआरएस, बच्चे की जिंदगी बचा सकता है।