मुंबई। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। सोमवार 9 मार्च को कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 2,300 अंक (2.80%) गिरकर 76,500 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी करीब 700 अंक (2.80%) टूटकर 23,750 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में बैंकिंग, ऑटो, मेटल, एनर्जी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।
सभी 30 सेंसेक्स शेयर लाल निशान में
सुबह लगभग 9:44 बजे सेंसेक्स के सभी 30 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
बाजार गिरने की तीन बड़ी वजह
मिडिल ईस्ट तनाव
ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है, जिससे निवेशकों में चिंता देखी जा रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
तेल की कीमतें बढ़ने से भारत का आयात बिल और महंगाई बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी
अमेरिका और एशियाई शेयर बाजारों में आई गिरावट का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ा है।
कच्चे तेल की कीमतें 3.5 साल के उच्च स्तर पर
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। रविवार को ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया, जो करीब साढ़े तीन साल का उच्च स्तर है। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज में ट्रेडिंग शुरू होते ही ब्रेंट क्रूड 16.5% उछलकर 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि शुक्रवार को यह 93 डॉलर पर बंद हुआ था। पिछले करीब 9–10 दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 48% की तेजी दर्ज की गई है।
भारत सरकार का बयान
हालांकि सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त तेल भंडार उपलब्ध है और फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर तत्काल असर पड़ने की आशंका नहीं है।