वक्फ बिल: कल होगी 8 घण्टे की बहस, विपक्ष ने हंगामे के लिए कसी कमर, सत्ता पक्ष पूरी तरह निश्चिंत, जानें दोनों सदनों के नंबर गेम
Waqf Bill: सदन में कल यानी 2 अप्रैल को वक्फ संसोधन बिल पेश किया जायेगा। जिसे लेकर आठ घंटे की चर्चा का समय तय किया गया है।;

Waqf Bill: संसद बजट सत्र के दूसरे चरण में कल यानी बुधवार को सरकार सदन में वक्फ संसोधन बिल पेश करेगी। इस बिल को लेकर कल सदन में चर्चा के लिए पहले से आठ घंटे का समय तय किया गया है। वक्फ बिल को लेकर जहाँ सत्ता पक्ष निश्चिंत नजर आ रही है। वहीं विपक्ष इसके खिलाफ प्रदर्शन के लिए पूरी तरह से तैयार है। पहले से इस बात का कयास लगाया जा रहा है कि कल सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिल सकता है। विपक्ष कल पूरी कोशिश करेगा कि बिल सदन से पास न हो पाए लेकिन वर्तमान में सत्ता पक्ष सदन में इतनी ज्यादा मजबूत है कि विपक्ष की लाख कोशिशे भी बिल को पास कराने से शायद ही रोक पाए।
संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बात का दावा ठोका है कि सत्ता पक्ष के अलाव कुछ विपक्ष के सांसद भी ऐसे है जो बिल के समर्थन में है। हर किसी की नजरे कल सदन पर टिकी हुई है। कल ये देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष के प्रयास कारगर साबित होते हैं या सत्ता पक्ष का मजबूत नंबर गेम इस बिल को पास कराने में कामयाब रहता है।
लोकसभा में बीजेपी का नंबर गेम
लोकसभा में कुल 542 सांसद होते हैं तो जिसमें अकेले भाजपा के पास 240 सांसदों की मजबूत संख्या है। वहीं भाजपा के सहयोगी एनडीए के पास कुल 293 सांसद हैं। जबकि लोकसभा में बिल पास कराने के लिए कुल 272 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में लोकसभा में बीजेपी के लिए ये बिल पास कराना बहुत आसान मालूम पड़ रहा है। इसीलिए बीजेपी सरकार इतनी निश्चिंत दिखाई दे रही रही है। वहीं अगर लोकसभा में विपक्ष की बात करें तो अकेले कांग्रेस के पास 99 सांसद हैं। वहीं उनके सहयोगी इंडिया गठबंधन की बात करें तो कुल मिलाकर 233 सांसद ही हैं। इस समय लोकसभा में कई ऐसी पार्टियां भी है जो किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। ऐसे में कल उनके फैसले बिल पास कराने में काफी निर्णायक साबित होंगे।
राज्यसभा में क्या है नंबर गेम
राज्यसभा में इस समय कुल 236 सदस्य हैं, जिनमें बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है और उसके पास 98 सांसदों का समर्थन है। एनडीए गठबंधन की बात करें तो उसकी कुल ताकत लगभग 115 सांसदों की है। इसके अलावा, छह मनोनीत सांसद, जो आमतौर पर सरकार के पक्ष में मतदान करते हैं, उन्हें जोड़ने पर यह संख्या 121 तक पहुंच जाती है। दूसरी ओर, कांग्रेस के 27 सांसद हैं, जबकि विपक्षी दलों के पास 58 सांसदों का समर्थन है, जिससे इंडिया गठबंधन की कुल ताकत 85 हो जाती है। वहीं, वाईएसआर कांग्रेस के 9, बीजू जनता दल के 7, एआईएडीएमके के 4 और तीन अन्य छोटे दलों व निर्दलीय सांसदों का समर्थन किसी भी पक्ष में स्पष्ट रूप से नहीं है। राज्यसभा में किसी भी बिल को पारित करने के लिए 119 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है, जो कि सरकार के पास आसानी से मौजूद है, जिससे मोदी सरकार यहां भी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।