भोपाल: MP सरकार बनाएगी स्पेस पॉलिसी, सीएम ने घोषणा करते हुए कहा - अभी दक्षिण भारत ही है ऐसी गतिविधि का केंद्र

Update: 2025-03-27 15:26 GMT
MP सरकार बनाएगी स्पेस पॉलिसी

MP सरकार बनाएगी स्पेस पॉलिसी

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Space Policy : भोपाल। मध्यप्रदेश शासन द्वारा शीघ्र ही स्पेस पॉलिसी बनाई जाएगी। प्रदेश में इसरो के केंद्र की शुरूआत के लिए भी मंथन प्रारंभ किया गया है। हाल ही में जीआईएस के दौरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर केंद्रित 4 नीतियों को लागू करने की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को उज्जैन में हो रहे राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन और चालीसवें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन का समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया। उसी दौरान उन्होंने स्पेस नीति बनाए जाने की बात कही। यह सम्मेलन कालिदास अकादमी परिसर उज्जैन में हो रहा है।

मध्यप्रदेश को बनाएंगे टेक्नालॉजी और इनोवेशन हब :

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान का उपयोग बढ़ाया जाएगा। प्रदेश को टेक्नालॉजी और इनोवेशन हब बनाया जाएगा। हाल ही में इसरो ने स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट अर्थात स्पैडेक्स सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग करते हुए इतिहास रच दिया है। इसके लिए इसरो की टीम बधाई की पात्र है।

"वैज्ञानिक समाज और विज्ञान प्रौद्योगिकी से जुड़े संस्थानों के सहयोग से मध्यप्रदेश में इसरो की तरह एक केंद्र के विकास पर भी विचार किया जाएगा। वर्तमान में दक्षिण भारत ही ऐसी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। उत्तर और मध्य भारत में इस तरह के केंद्र का अभाव है।

प्रदेश में चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में भी विज्ञान का प्रयोग बढ़ रहा है। विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग हो रहा है। मध्यप्रदेश में ड्रोन के माध्यम से राजस्व के क्षेत्र में भी नक्शे बनाने की शुरूआत की गई है। रायसेन से राष्ट्रीय स्तर पर शहरी बस्तियों के भूमि सर्वेक्षण का पायलेट प्रोजेक्ट शुरू हुआ। प्रदेश के अन्य शहरों में भी जमीन,भूखण्ड और बस्तियों का डिजिटल नक्शा बनाने की पहल हुई है। इससे संपत्ति के स्वामित्व के रिकार्ड्स रखना आसान होगा। अनेक क्षेत्रों में विज्ञान का उपयोग कार्यों को आसान बना रहा है।

उज्जैन है काल गणना का केंद्र :

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति भी विज्ञान आधारित है। हम अनेक शुभ कार्य नवग्रह पूजन से प्रारंभ करते हैं। विक्रम संवत 2082 आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य के काल से लेकर अब तक उज्जैन के इतिहास,कला, संस्कृति और अध्यात्म के साथ ही विज्ञान के केंद्र होने का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सभी उज्जैन को काल गणना के केंद्र के रूप में जानते हैं। इस संबंध में भी निरंतर अनुसंधान हो रहा है। हम नूतन का स्वागत करते हुए पुरातन परम्पराओं को भी साथ रखते हैं।

युवा वैज्ञानिक सम्मेलन और राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन की थीम "विकास की बात विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार एक साथ"प्रासंगिक है। प्राचीन भारतीय विज्ञान परम्परा पर आधारित विभिन्न सत्रों का आयोजन सराहनीय है, जिसमें लगभग 300 शोधार्थी और युवा वैज्ञानिक 17 विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रौद्योगिकी और नवाचार आज की आवश्यकता है।

हाल ही में सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आईटी विभाग के माध्यम से 4 महत्वपूर्ण नीतियां मध्यप्रदेश ड्रोन सवंर्धन और उद्योग नीति-2025, मध्यप्रदेश एनीमेशन, विजुअल एफैक्टस, गैमिंग कामिक्स और विस्तारित रियलिटी (एवीजीसी- एक्सआर) नीति-2025, मध्यप्रदेश सेमी कंडक्टर नीति-2025 और मध्यप्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी)नीति-2025 घोषित की गई हैं। वैज्ञानिक सम्मेलन में स्पेस पॉलिसी बनाने का सुझाव आया है। इस नाते मध्यप्रदेश की स्पेस पॉलिसी तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन के सभी प्रतिभागियों को भागीदारी के लिए बधाई दी।

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