तमिलनाडु सरकार ने फिल्म निर्माता K. Venkat Narayana को एक वर्ष के लिए नई दिल्ली में राज्य सरकार का विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया है। इस नियुक्ति का सरकारी आदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। वेंकट नारायण वही निर्माता हैं, जिनकी प्रोडक्शन कंपनी KVN Productions अभिनेता से राजनेता बने Vijay की बहुचर्चित फिल्म Jana Nayagan का निर्माण कर रही है।
Tamil Nadu Government issued an order appointing Venkat K. Narayana as the Special Representative of the Tamil Nadu Government in Delhi. Notably, this is the same Venkat K. Narayana who is the producer of the film Jananayagan, starring Joseph Vijay. pic.twitter.com/qSVzmROsMx
— Vignesh Theni (@Vignesh_twitz) June 26, 2026
सरकारी आदेश के बाद शुरू हुई बहस
23 जून को जारी सरकारी आदेश के अनुसार नई दिल्ली में तमिलनाडु सरकार के विशेष प्रतिनिधि का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए सृजित किया गया है। इसी पद पर वेंकट नारायण की नियुक्ति की गई है। आदेश में यह भी कहा गया है कि नियुक्ति से जुड़ी सेवा शर्तों और अन्य नियमों की जानकारी अलग से जारी की जाएगी।
सोशल मीडिया पर उठे कई सवाल
नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि वेंकट नारायण मुख्य रूप से बेंगलुरु से अपना कारोबार संचालित करते हैं, ऐसे में उन्हें तमिलनाडु सरकार का प्रतिनिधि बनाए जाने का आधार क्या है। कुछ पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि क्या यह नियुक्ति 'जन नायगन' फिल्म से जुड़े विवादों और देरी के संदर्भ में हुई है। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है।
'जन नायगन' को लेकर पहले भी रहा विवाद
Jana Nayagan को विजय के अभिनय करियर की अंतिम फिल्म माना जा रहा है। फिल्म का निर्देशन H. Vinoth ने किया है। फिल्म में विजय के अलावा Bobby Deol, Pooja Hegde और Mamitha Baiju भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। फिल्म पहले पोंगल के अवसर पर रिलीज होने वाली थी, लेकिन प्रमाणन प्रक्रिया में देरी के कारण रिलीज टल गई। बाद में फिल्म का कथित HD प्रिंट ऑनलाइन लीक होने का मामला भी सामने आया था, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था।
मुख्यमंत्री विजय के दौर में पहली बड़ी नियुक्तियों में शामिल
यह नियुक्ति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद इसे प्रमुख प्रशासनिक नियुक्तियों में से एक माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस नियुक्ति को लेकर कोई विस्तृत राजनीतिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि नई दिल्ली में विशेष प्रतिनिधि का पद केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।