सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पाकिस्तानी पुलिस जांच करती दिखाई दे रही है। लेकिन इसे भारत में ‘धुरंधर 2’ से जोड़ा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान में जासूसी को लेकर सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं। लेकिन क्या यह खबर सच है या झूठ? चलिए जानते हैं इसके पीछे का सच क्या है।

सोशल मीडिया पर यह दावा फैलाया जा रहा है कि फिल्म में रणवीर सिंह के किरदार ‘हमजा’ के खुलासे के बाद पाकिस्तान में भिखारियों पर विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। दावा किया गया कि पुलिस ऐसे भिखारियों की तलाश कर रही है, जो असल में जासूस या ‘रॉ’ एजेंट हो सकते हैं।
फैक्ट चेक करने पर यह जानकारी गलत साबित हुई। किसी भी आधिकारिक स्रोत ने फिल्म और ऑपरेशन के बीच कोई संबंध नहीं माना।
क्या सच में सर्च ऑपरेशन हो रहा है?
पाकिस्तान में सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं, लेकिन यह 2026 में शुरू नहीं हुआ। यह साल 2025 में शुरू किया गया था और जो वीडियो अभी वायरल हो रहा है, वह भी 2025 का है। इस दौरान पुलिस और अन्य एजेंसियां सड़कों से लेकर एयरपोर्ट तक व्यापक कार्रवाई कर रही हैं। अब तक लगभग 66,000 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं, हजारों पासपोर्ट निलंबित किए गए हैं और कई लोग खाड़ी देशों से डिपोर्ट किए गए हैं।

जांच में सामने आया कि इन भिखारियों के पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहे थे। इनमें कुछ गैंग ऐसे भी शामिल हैं, जो बच्चों और महिलाओं का इस्तेमाल कर अवैध आय अर्जित करते थे। कुछ मामलों में इनके कनेक्शन चोरी और ड्रग्स के मामलों से भी जुड़े पाए गए।
वायरल वीडियो और सोशल मीडिया दावे
सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें पुलिस टीमें भिखारियों और संदिग्धों से पूछताछ करती और उन्हें हिरासत में लेती दिख रही हैं। इन वीडियो को फिल्म ‘धुरंधर’ से जोड़कर पेश किया गया, हालांकि यह सिर्फ सोशल मीडिया का नैरेटिव है।

सरकार का उद्देश्य और रणनीति
पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहरों को भिखारी-मुक्त बनाना, मानव तस्करी पर रोक लगाना और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारना है। अब कार्रवाई का फोकस गैंग संचालकों और नेटवर्क्स पर है।
इंटेलिजेंस सिस्टम और सेफ सिटी कैमरों की मदद से इन नेटवर्क्स को ट्रैक किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या की जड़ गरीबी और बेरोजगारी है, इसलिए केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है; प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास और सामाजिक सहायता भी जरूरी है।