अरुणेश झा, करनाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में गुरुवार को हरियाणा के करनाल में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के तहत एक विशाल और ऐतिहासिक जनसभा का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र में रहकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा और करारा प्रहार किया। उन्होंने मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने, अपनी चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग व ईवीएम पर फोड़ने और देश में अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया।
देशभर में भाजपा की पदयात्रा को मिल रहा अपार जनसमर्थन
विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के 600 जिलों में आयोजित की जा रही भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा और रैलियों में उमड़ रही भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता कांग्रेस की अराजक राजनीति को करारा जवाब दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के आम चुनाव में देश की महान जनता ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है, जिसके बाद से कांग्रेस पार्टी लगातार हर चुनाव हारती चली जा रही है। इसी राजनीतिक हताशा और बौखलाहट के चलते राहुल गांधी अनुचित और देशविरोधी कदम उठाने पर मजबूर हो चुके हैं।

राहुल गांधी के नेतृत्व में लगातार गिरता गया कांग्रेस का ग्राफ
श्री शाह ने आंकड़ों का हवाला देते हुए राहुल गांधी के राजनीतिक नेतृत्व पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी में ऊंचे पदों पर काबिज होते गए, वैसे-वैसे पार्टी का जनाधार और ग्राफ नीचे गिरता चला गया। जब राहुल गांधी कांग्रेस के महासचिव बने थे, तब देश भर में पार्टी के 1,200 विधायक हुआ करते थे; जब वे उपाध्यक्ष बने तो यह संख्या घटकर 900 रह गई; जब वे अध्यक्ष बने तो विधायकों की संख्या और लुढ़क कर 700 पर आ गई और तथाकथित 'भारत जोड़ो यात्रा' के बाद यह आंकड़ा सिमटकर मात्र 600 विधायकों पर ही रह गया।
ईवीएम और चुनाव आयोग पर कांग्रेस के दोहरे मापदंड
चुनावी हार के ठीकरा पर बात करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का चरित्र दोहरा है—वे जहाँ चुनाव जीत जाते हैं (जैसे केरल, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना), वहाँ की मतदाता सूची और ईवीएम उन्हें बिल्कुल सही लगती है और वे उसी ईवीएम से जीत दर्ज कर बड़े आराम से शपथ भी ले लेते हैं। लेकिन इसके विपरीत, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी जैसे राज्यों में हार मिलते ही वे चुनाव आयोग और ईवीएम पर झूठे आरोप मढ़ने लगते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ठीक उस खेल के खिलाड़ी की तरह व्यवहार कर रही है जो मैदान में जीत न पाने पर अंत में रेफरी को ही बेईमान घोषित कर देता है।

एसआईआर (SIR) का वास्तविक सच और घुसपैठियों पर कड़ा प्रहार
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम की धज्जियां उड़ाते हुए श्री शाह ने स्पष्ट किया कि हटाए गए 13 करोड़ वोटों के पीछे पुख्ता और तार्किक कारण हैं। इनमें लगभग 2.8 करोड़ मतदाता ऐसे थे जिनका निधन हो चुका था, सवा 6 करोड़ लोग ऐसे थे जो दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो चुके थे, और करीब 1 करोड़ लोगों के नाम तीन-तीन अलग-अलग जगहों पर दर्ज थे। उन्होंने कहा कि बाकी बचे वे 3 करोड़ लोग हैं जो डर के मारे चुनाव आयोग के सामने सत्यापन के लिए आए तक नहीं, और यही अवैध घुसपैठिए राहुल गांधी की असली चिंता का विषय हैं।
श्री शाह ने कड़े शब्दों में दो टूक कहा कि राहुल गांधी घुसपैठियों के समर्थन में जितनी मर्जी छाती पीट लें, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प बिल्कुल स्पष्ट और अटल है—डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट यानी देश में छिपे घुसपैठियों की पहचान करना, मतदाता सूची से उनके नाम काटना और उन्हें चुन-चुनकर देश की सीमाओं से बाहर खदेड़ना। चुनाव आयोग तो केवल उस मतदाता सूची को सुधारने का पवित्र कार्य कर रहा है जहाँ एक ही मकान (600 गज) में 132 लोगों के नाम दर्ज हों या जहां बेटा अपने बाप से भी उम्र में बड़ा दिखाया गया हो।
संसद बनाम सड़क की राजनीति और विदेश यात्राओं पर तीखे सवाल
राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कानून बनाने, नीतिगत फैसले लेने और देश की गंभीर समस्याओं पर चर्चा करने का सर्वोच्च मंच सड़क नहीं बल्कि संसद है। यदि राहुल गांधी को संसद में चर्चा करने से डर लगता है और वे सड़क पर ही राजनीति करना चाहते हैं, तो हरियाणा के किसी भी चौराहे का नाम बता दें, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का अध्यक्ष वहां पहुंचकर उनसे खुली चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इसके साथ ही, पारस्परिकता और पारदर्शिता पर जोर देते हुए श्री शाह ने मांग की कि हर जगह पारदर्शिता का उपदेश देने वाले राहुल गांधी को अपनी हालिया विदेश यात्राओं (जैसे वियतनाम दौरा) का पूरा और सच्चा हिसाब देश की जनता को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक बेहद जिम्मेदार और संवैधानिक पद होता है, और जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेता विदेश में किससे मिले और किस एजेंडे के तहत गए।
हिमाचल की विफल गारंटियों बनाम हरियाणा के विकास मॉडल की तुलना
कांग्रेस की झूठी गारंटियों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में कांग्रेस ने 'खटाखट-खटाखट' गारंटियों के बड़े-बड़े दावे किए थे, जिनमें से एक भी गारंटी आज तक धरातल पर पूरी नहीं की जा सकी। इसके उलट, हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की हर एक गारंटी को पूरी निष्ठा के साथ पूरा करके दिखाया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने सलाह दी कि उन्हें पंजाब के किसानों के हित में हरियाणा सरकार के कृषि मॉडल से सीख लेनी चाहिए, जहां सरकार ने ऐतिहासिक रूप से 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने का काम किया है।

प्रमुख नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक और विशाल जनसभा के दौरान मंच पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री एवं हरियाणा प्रभारी श्रीमती स्मृति ईरानी, सह-प्रभारी एवं सांसद डॉ. भोला सिंह, कैबिनेट मंत्री महिपाल, कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार, कैबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा, कैबिनेट मंत्री डॉक्टर अरविंद शर्मा, पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, विधायक रणधीर पनिहार और पानीपत भाजपा जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता और हजारों की संख्या में गणमान्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय गृह मंत्री ने आह्वान किया कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राज्य के घर-घर तक पहुंचे और कांग्रेस के झूठ तथा भ्रामक प्रचार का पर्दाफाश करते हुए एसआईआर की सच्चाई जनता के समक्ष रखे।