भारतीय सेना के लिए खास वाहन BvS10 सिंधु का उत्पादन गुजरात के हजीरा में शुरू हो गया है । लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और ब्रिटेन की BAE सिस्टम्स मिलकर ये वाहन तैयार कर रही हैं। सेना ने फिलहाल 18 वाहनों का ऑर्डर दिया है। इन्हें लद्दाख के बर्फीले पहाड़ों से लेकर गुजरात के कच्छ क्षेत्र तक इस्तेमाल करने की योजना है।
माइनस 55 डिग्री की ठंड में भी करेगा काम
BvS10 सिंधु को बेहद कठिन मौसम और रास्तों पर चलने के लिए तैयार किया गया है यह माइनस 55 डिग्री सेल्सियस तक की ठंड में काम कर सकता है । लद्दाख में करीब 18,000 फीट की ऊंचाई पर बर्फ और कम तापमान के बीच सैनिकों की आवाजाही बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में यह वाहन सैनिकों और जरूरी सामान को पहुंचाने में मदद कर सकता है।
कच्छ के दलदल और रेतीले इलाकों में भी उपयोगी
इस वाहन का इस्तेमाल कच्छ के रण और दलदली इलाकों में भी किया जाएगा, यहां तापमान 55 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसकी बनावट इसे बर्फ, रेत, कीचड़ और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने में मदद करती है। BvS10 सिंधु के दो हिस्से आपस में जुड़े होते हैं। इससे यह कठिन रास्तों पर भी आसानी से मुड़ सकता है और आगे बढ़ सकता है ।
भारत में बनेंगे वाहन
हजीरा में उत्पादन शुरू होना भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता के लिए भी अहम है । L&T वाहन बनाएगी, जबकि BAE सिस्टम्स तकनीकी मदद देगी। कंपनी के अनुसार, इस वाहन को भारतीय सेना की जरूरतों और यहां के मौसम के हिसाब से तैयार किया गया है। हालांकि उत्पादन शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि सभी वाहन सेना को सौंप दिए गए हैं, इनकी आपूर्ति की तय तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।