मिडिल ईस्ट संकट को लेकर कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राय सामने आई है। कमलनाथ, आनंद शर्मा और शशि थरूर ने सरकार के कदमों की सराहना की, जबकि राहुल गांधी लगातार आलोचना कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं के बयान से बदली सियासी दिशा
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और LPG आपूर्ति को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया है।
- कमलनाथ ने कहा कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है, केवल माहौल बनाया जा रहा है।
- आनंद शर्मा ने भारत की कूटनीति को “मैच्योर और स्किलफुल” बताया।
- शशि थरूर ने कहा कि भारत का संयम रणनीतिक समझदारी को दर्शाता है।
इन बयानों को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

राहुल गांधी का अलग रुख, सरकार पर लगातार हमला
जहां एक ओर कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता सरकार के फैसलों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं राहुल गांधी ने इन मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा है।
- उन्होंने चेतावनी दी कि देश में ईंधन संकट आ सकता है
- रुपए की कमजोरी और तेल कीमतों में बढ़ोतरी को महंगाई का संकेत बताया
- विदेश नीति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए
इससे कांग्रेस के अंदर रणनीतिक मतभेद खुलकर सामने आए हैं।
मिडिल ईस्ट संकट पर भारत का रुख क्या है
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत ने इस पूरे संकट में संतुलित और सावधानी भरा रुख अपनाया है।
- कूटनीतिक स्तर पर सभी पक्षों से संवाद जारी
- ऊर्जा सुरक्षा पर लगातार नजर
- ऑल-पार्टी मीटिंग के जरिए राजनीतिक सहमति की कोशिश
यही कारण है कि कुछ विपक्षी नेता भी सरकार के इस दृष्टिकोण की सराहना कर रहे हैं।