दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट के बीच धनतेरस पर भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। शुक्रवार, 6 नवंबर को सेंसेक्स करीब 600 अंक उछलकर 79,900 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी करीब 100 अंकों की तेजी रही और यह 24,650 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।भारतीय बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 6.21%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.20% और अमेरिकी नैस्डैक 5.52% तक टूट गया।
7 दिन में 8% से ज्यादा चढ़ा बाजार
भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार सातवें कारोबारी दिन भी जारी रहा। 28 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच सेंसेक्स 73,246 के स्तर से बढ़कर 79,400 के पार पहुंच गया। इस दौरान इसमें 8% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।इससे पहले गुरुवार को भी बाजार में जोरदार उछाल आया था। सेंसेक्स 2,009 अंक चढ़कर 79,310 पर बंद हुआ था। यह इस साल की दूसरी सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त थी। इससे पहले 8 अप्रैल को सेंसेक्स में 2,946 अंकों की तेजी आई थी।
अमेरिका-जापान के बाजारों में भारी गिरावट
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भारतीय बाजार के उलट बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
- जापान का निक्केई 6.21% गिरकर 57,434 पर पहुंचा।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.20% टूटकर 5,119 पर रहा।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.06% गिरकर 24,509 पर पहुंचा।
- अमेरिकी नैस्डैक में 5.52% की गिरावट दर्ज की गई।
- डाउ जोन्स 3.44% और S&P 500 में 4.36% की गिरावट रही।
विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में खरीदे 32 हजार करोड़ के शेयर
भारतीय बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की वापसी मानी जा रही है। पिछले सात दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने करीब 32,210 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं।वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इसी अवधि में 18,228 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की। इसके बावजूद विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली।
LTCG टैक्स में कटौती की उम्मीद से सुधरा माहौल
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के डॉ. वीके विजयकुमार के मुताबिक, कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की कम कीमतें और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में बदलाव की संभावना से बाजार का माहौल सुधरा है। इससे विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार के प्रति नजरिया बेहतर हुआ है।
बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में आगे भी तेजी की उम्मीद
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी से लार्जकैप शेयरों को फायदा मिल रहा है। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के बड़े शेयरों में आगे भी रिकवरी देखने को मिल सकती है।हालांकि, बाजार में तेजी के साथ मुनाफावसूली का जोखिम भी बना हुआ है। एक्सपर्ट के मुताबिक, बाजार के ऊंचे स्तरों पर पहुंचने पर घरेलू निवेशक मुनाफा वसूलने के लिए बिकवाली कर सकते हैं। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।