नई दिल्ली। भारत ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण परीक्षण पूरा किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने हरियाणा के पंचकूला जिले स्थित रामगढ़ परीक्षण रेंज में उच्च क्षमता वाले बम का सफल परीक्षण किया। परीक्षण की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के गांवों के लोगों को पहले ही घरों के भीतर रहने की सलाह जारी कर दी गई थी। सुरक्षा एजेंसियां और जिला प्रशासन पूरे अभियान के दौरान सतर्क रहे।
यह परीक्षण DRDO की टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) की निगरानी में किया गया, जो विस्फोटक और हथियार प्रणालियों पर अनुसंधान के लिए जानी जाती है।
विस्फोट की ताकत को देखते हुए बनाया गया सुरक्षा घेरा
अधिकारियों के अनुसार परीक्षण के दौरान बम के टुकड़े करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचने की संभावना थी। साथ ही विस्फोट स्थल से लगभग 2 किलोमीटर तक इनके फैलने का अनुमान लगाया गया था। इसी खतरे को देखते हुए परीक्षण क्षेत्र के चारों ओर दो किलोमीटर का सुरक्षा दायरा निर्धारित किया गया। पूरे इलाके में गतिविधियों पर नजर रखी गई ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
भानू और बिल्ला गांव के लोगों को पहले ही किया गया अलर्ट
रामगढ़ परीक्षण रेंज के नजदीक स्थित भानू और बिल्ला गांव सुरक्षा दायरे में आते थे। प्रशासन ने परीक्षण से पहले ग्रामीणों को घरों के अंदर रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी थी। स्थानीय प्रशासन ने यह कदम पूरी तरह एहतियात के तौर पर उठाया, ताकि परीक्षण के दौरान उड़ने वाले धातु के टुकड़ों या अन्य प्रभावों से किसी को नुकसान न पहुंचे।
A high-caliber bomb successfully tested at the Terminal Ballistics Research Laboratory -a facility of #DRDO -located in Ramgarh in Panchkula district of #Haryana.@DRDO_India pic.twitter.com/Ph1CQhHEl7
रक्षा अनुसंधान में TBRL की अहम भूमिका
पंचकूला स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी DRDO की प्रमुख प्रयोगशालाओं में शामिल है। यह संस्थान बम, विस्फोटक सामग्री, गोला-बारूद और उनके प्रभावों पर अनुसंधान एवं परीक्षण का काम करता है। रामगढ़ परीक्षण रेंज में समय-समय पर विभिन्न रक्षा प्रणालियों और विस्फोटकों की क्षमता जांची जाती है। ऐसे परीक्षण भारतीय रक्षा क्षमताओं को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
रक्षा तैयारियों को मिलेगा मजबूती का संदेश
हाल के वर्षों में भारत स्वदेशी रक्षा तकनीकों के विकास पर लगातार जोर दे रहा है। मिसाइल, ड्रोन, हथियार प्रणालियों और उन्नत विस्फोटकों के क्षेत्र में किए जा रहे परीक्षण इसी रणनीति का हिस्सा हैं। रामगढ़ में हुए इस सफल परीक्षण को भी रक्षा अनुसंधान की उसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य भविष्य की सैन्य जरूरतों के लिए अधिक प्रभावी और भरोसेमंद प्रणालियां विकसित करना है।