मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बहुत बड़ा है। एनसीपी को लेकर चल रहे अजित पवार और शरद पवार गुट के बीच चल रहे विवाद में फैसला सुनाया।आयोग ने अजित पवार गुट को ही असली एनसीपी (राकांपा ) माना है। आयोग के इस फैसले से शरद पवार को बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग ने शरद पवार को नए राजनीतिक दल के लिए एक नाम का दावा करने का विकल्प दिया है।
बता दें कि जुलाई 2023 में अजित पवार एनसीपी ने 40 विधायकों के साथ महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। शरद पवार से बगावत के बाद पार्टी पर अधिकार की दोनों के बीच लड़ाई शुरू हो गई थी। अजित पवार का दावा था की पार्टी के दो -तिहाई विधायक उनके साथ है। । इसलिए पार्टी के नाम और सिंबल पर उनका अधिकार है। दूसरी तरफ शरद पवार ने पार्टी छोड़कर जाने वाले 9 मंत्रियों समेत 31 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।
शरद पवार गुट को बड़ा झटका -
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों की याचिका पर सुनवाई के बाद आज फैसला सुनाया। जिसमें अजित पवार के गुट को ही असली एनसीपी माना है। लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे शरद पवार के लिए ये बड़ा झटका है।