PM Modi Bastar

PM Modi Bastar: बस्तर में बोले पीएम मोदी, अब दिमागी नक्सलियों से लड़ना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित कोबरा ऑपरेशंस बेस पर सीआरपीएफ (CRPF) जवानों के बीच पहुंचकर उनके साथ...

By : विकास जैन
PM Modi Bastar: बस्तर में बोले पीएम मोदी, अब दिमागी नक्सलियों से लड़ना होगा

PM Modi Bastar: बस्तर में बोले पीएम मोदी, अब दिमागी नक्सलियों से लड़ना होगा

PM Modi Bastar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित कोबरा ऑपरेशंस बेस पर सीआरपीएफ (CRPF) जवानों के बीच पहुंचकर उनके साथ दीपावली का पावन पर्व मनाया। यह लगातार 13वां मौका है जब पीएम मोदी ने देश के वीर जवानों के बीच अपनी दिवाली मनाई है। जवानों को संबोधित करते हुए अपने 42 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश से हथियारबंद नक्सलवाद का सफाया हो चुका है, लेकिन अब हमें 'दिमागी नक्सलियों' से मुकाबला करने और उनकी पहचान करने की जरूरत है।

बाहरी दुश्मनों पर प्रहार

प्रधानमंत्री मोदी ने आंतरिक सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब किसी देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तो बाहरी दुश्मन कभी सफल नहीं हो पाते। इसके विपरीत, जब आंतरिक सुरक्षा कमजोर होती है, तो देश के भीतर छिपे विरोधी और बाहरी दुश्मन भी सिर उठाने लगते हैं।

नक्सलवाद का खात्मा

2026 की यह दीपावली ऐतिहासिक है, क्योंकि 40-50 साल के इतिहास में पहली बार देश का हर जिला नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो गया है। करोड़ों लोगों ने अब नक्सलवाद के खौफ को पीछे छोड़ दिया है। पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ के किसी भी जवान की जान नहीं गई है। यह सुरक्षा बलों के शौर्य, साहस और सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति व नीतियों की ऐतिहासिक जीत है।

पिछली सरकारों पर निशाना

पीएम ने कहा कि 2004 से 2013 के बीच हर साल नक्सलियों के मुकाबले हमारे अधिक जवान शहीद होते थे। तब की सरकारों ने नक्सलवाद को लाइलाज बीमारी मान लिया था। पीएम मोदी ने आगे कहा कि जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों का तो सफाया हो गया है, लेकिन अब कई संगठनों और शहरी इलाकों में 'दिमागी नक्सलियों' ने घुसपैठ कर ली है। ये लोग भोले-भाले नागरिकों को संविधान, न्यायपालिका और लोकतंत्र के खिलाफ भड़काने का काम कर रहे हैं।

50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीएम ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत के लगभग 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी के दलदल से बाहर आए हैं, जो सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की सफलता को दर्शाता है।