कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब टीएमसी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री Jyotipriya Mallick ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। मल्लिक ने अपने फैसले के पीछे गंभीर स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है।
स्वास्थ्य कारण बताया इस्तीफे की वजह
मल्लिक ने कहा कि उनका स्वास्थ्य काफी खराब है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने बताया कि ब्लड शुगर का स्तर बहुत अधिक है और किडनी संबंधी समस्याओं के कारण डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण आराम की सलाह दी है। इसी वजह से वे पार्टी की जिम्मेदारियां निभाने की स्थिति में नहीं हैं सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर भेज दिया है।
हाल ही में मिली थी बड़ी जिम्मेदारी
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले ही टीएमसी के संगठनात्मक फेरबदल में मल्लिक को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल किया गया था। ऐसे में उनका अचानक इस्तीफा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
क्या बढ़ रही हैं टीएमसी की अंदरूनी चुनौतियां?
मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब टीएमसी में हाल के सप्ताहों में कई संगठनात्मक बदलाव हुए हैं। पार्टी प्रमुख Mamata Banerjee ने हाल ही में विभिन्न पदों पर नए चेहरों की नियुक्ति की थी और कई वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया था कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे टीएमसी के भीतर जारी उथल-पुथल के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, हालांकि मल्लिक ने सार्वजनिक रूप से केवल स्वास्थ्य कारणों को ही अपने निर्णय का आधार बताया है।
बंगाल की राजनीति में अहम चेहरा रहे हैं मल्लिक
ज्योतिप्रिय मल्लिक टीएमसी के शुरुआती दौर से पार्टी से जुड़े रहे हैं और लंबे समय तक All India Trinamool Congress के महत्वपूर्ण नेताओं में गिने जाते रहे हैं। वे पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती रही है।