भोपाल: एक आईवियर कंपनी का ड्रेस कोड, और देखते ही देखते देशभर में बहस, विरोध, बयानबाजी… माहौल कुछ ऐसा बन गया है कि मामला अब सिर्फ कंपनी पॉलिसी तक सीमित नहीं रहा। Lenskart के कथित ड्रेस कोड को लेकर तिलक और हिजाब पर विवाद भड़क गया है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन हो रहे हैं, और पिछले कुछ दिनों में तस्वीरें भी सामने आई हैं जहां लोग सीधे स्टोर्स में पहुंचकर कर्मचारियों को तिलक लगा रहे हैं।
धीरेंद्र शास्त्री का बयान- तू लाहौर चला जा
इस पूरे मामले में Dhirendra Shastri की एंट्री ने इसे और गर्मा दिया। उन्होंने कंपनी प्रमोटर्स को लेकर तीखा बयान देते हुए कहा, “तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले…”यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, और समर्थक-विरोधी दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

भोपाल से रायपुर तक, स्टोर्स पर पहुंचा विरोध
मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में न्यू मार्केट इलाके के स्टोर के बाहर प्रदर्शन हुआ। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता अंदर गए, कर्मचारियों को तिलक लगाया, कलावा बांधा… और नारे भी लगे। उधर Raipur में भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। एक समूह शोरूम में पहुंचा, कर्मचारियों से नाम पूछे और उन्हें तिलक लगाकर काम करने की सलाह दी। एक वीडियो में एक महिला अपना चश्मा तोड़ते हुए भी नजर आई गुस्सा कितना है, ये समझा जा सकता है।
उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी विदोध
Ghaziabad में बीजेपी विधायक समर्थकों के साथ स्टोर पहुंचे और कंपनी पर सवाल उठाए। बयान काफी तीखे थे, और माहौल भी। वहीं Mumbai के अंधेरी इलाके में एक बीजेपी नेता स्टोर में घुसे, मैनेजर से बहस की और ड्रेस कोड को लेकर आरोप लगाए। यह मुद्दा अब धीरे-धीरे राजनीतिक रंग भी लेता दिख रहा है,
So I confirmed, this is genuine. This is what @peyushbansal tells his employees, hijab is okay, but bindi/tilak/Kalawa is not, for @Lenskart_com, a company that exists in Hindu majority Bharat, where most of the employees and consumers are Hindu! What do you say to this? This is… https://t.co/jQ2EPdWPJM pic.twitter.com/SWfOajOjpo
— Shefali Vaidya. ?? (@ShefVaidya) April 15, 2026
असल विवाद क्या है?
मामले की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। एक कथित ‘गूमिंग गाइड’ डॉक्यूमेंट वायरल हुआ, जिसमें कहा गया था: बिंदी, तिलक और कलावा पर रोक, हिजाब और पगड़ी की अनुमति (कुछ शर्तों के साथ) बस, यहीं से सवाल उठे — क्या यह भेदभाव है?
कंपनी की सफाई भी आई
Peyush Bansal ने सामने आकर कहा कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना है और कंपनी की मौजूदा नीति को नहीं दर्शाता। उन्होंने कहा कि कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है और कर्मचारी अपनी आस्था के प्रतीकों के साथ काम कर सकते हैं।लेकिन, जमीन पर विरोध थमता नहीं दिख रहा…