दिल्ली के मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार रात एक जूता फैक्ट्री में लगी आग ने चार लोगों की जान ले ली। हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। फैक्ट्री के अंदर धुआं भरने से छह लोग बेहोश हो गए थे, जिन्हें दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए तलब किया है।
रात 9:30 बजे फैक्ट्री में भड़की आग
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया की जूता बनाने वाली फैक्ट्री में आग लग गई। दमकल विभाग को रात 9:32 बजे घटना की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की गाड़ियां और पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंचीं।आग की सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू किया गया। फैक्ट्री के अंदर धुआं तेजी से फैल रहा था, जिससे वहां मौजूद लोगों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो गया।
दमकल की 20 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की करीब 20 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक, आग फैक्ट्री के बेसमेंट में लगी थी। अंदर भारी मात्रा में धुआं भरने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में विशेष सावधानी बरतनी पड़ी।दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद प्रभावित हिस्से में कूलिंग का काम भी किया गया, ताकि दोबारा आग भड़कने की आशंका न रहे।
छह लोग बेहोशी की हालत में मिले, चार की मौत
रेस्क्यू के दौरान फैक्ट्री के अंदर से छह लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। सभी को मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया।अस्पताल में डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो अन्य घायलों का इलाज जारी है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान और घटना से जुड़ी अन्य जानकारियों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
तीसरी और चौथी मंजिल तक पहुंचा था धुआं
फायर अधिकारी एडीओ पारस कुमार के मुताबिक, फैक्ट्री का इस्तेमाल जूते बनाने के साथ उनके भंडारण के लिए भी किया जा रहा था। आग बेसमेंट में लगी थी, लेकिन धुआं ऊपर की मंजिलों तक फैल गया था।रेस्क्यू के दौरान एक व्यक्ति तीसरी मंजिल की सीढ़ियों पर मिला, जबकि पांच अन्य लोगों को चौथी मंजिल से बाहर निकाला गया। दमकल विभाग का कहना है कि आग को बेसमेंट तक सीमित रखने में सफलता मिली और इसे पूरी इमारत में फैलने से रोक लिया गया। फिलहाल आग पूरी तरह बुझाई जा चुकी है।
हादसे की जांच जारी
हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आउटर जिला के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए तलब किया गया है।पुलिस ठेकेदार और फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों से भी जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किस वजह से लगी और घटना के समय फैक्ट्री में कितने मजदूर मौजूद थे।चार लोगों की मौत के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और आग से बचाव के इंतजाम भी जांच के दायरे में हैं। अब पुलिस की जांच से ही हादसे की असली वजह और संभावित लापरवाही की स्थिति साफ हो सकेगी।