अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के डॉक्टर और समाजसेवी डॉ. नवीन सी. शाह ने महाराष्ट्र के पुणे स्थित बी.जे. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में संक्रामक बीमारियों से जुड़े कार्यक्रम के लिए 5.25 लाख डॉलर ( करीब 4.5 करोड़ रुपये) देने की घोषणा की है पांच साल तक चलने वाली इस पहल में जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी भी सहयोग करेगी ।
इस रकम का इस्तेमाल मेडिकल रिसर्च, डॉक्टरों और छात्रों की ट्रेनिंग, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान और मरीजों के इलाज में मदद के लिए किया जाएगा । इस पहल का खास उद्देश्य उन मरीजों तक बेहतर इलाज पहुंचाना है जिन्हें आर्थिक मुश्किलों के कारण स्वास्थ्य सेवाएं हासिल करने में परेशानी होती है।
टीबी, HIV और दवा-प्रतिरोधी संक्रमण पर रहेगा जोर
इस कार्यक्रम के तहत टीबी, HIV और ऐसी बीमारियों पर काम किया जाएगा। जिनमें बैक्टीरिया पर आम एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम हो जाता है । रिसर्च के साथ डॉक्टरों और नर्सों की ट्रेनिंग तथा नई चिकित्सा पद्धतियों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
डॉ. शाह ने पुणे के इसी मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई की थी, उनका कहना है कि इस पहल से कॉलेज के साथ-साथ पुणे के दूसरे अस्पतालों में इलाज कराने वाले जरूरतमंद मरीजों को भी फायदा मिल सकता है ।
भारत-अमेरिका के डॉक्टरों के बीच बढ़ेगा सहयोग
इस योजना में जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के चार फैकल्टी सदस्यों के भारत आने और बी.जे. मेडिकल कॉलेज के दो फैकल्टी सदस्यों के अमेरिका जाने का प्रस्ताव है, छात्रों और मेडिकल रेजिडेंट्स के आदान-प्रदान के साथ हर साल चिकित्सा विशेषज्ञों का सेमिनार भी आयोजित किया जाएगा। दोनों संस्थानों के बीच संक्रामक बीमारियों पर सहयोग वर्ष 2003 से जारी है।