नई दिल्ली: उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हुई है।
राजस्थान के 6 जिलों में ओलावृष्टि
राजस्थान के छह जिलों में शनिवार को बारिश के साथ ओले गिरे। झालावाड़ में ओलावृष्टि के कारण कई वाहनों के शीशे टूट गए। वहीं कोटा जिले के डिपरी क्षेत्र में तेज आंधी के चलते चंबल नदी पर बनने वाले पुल के शिलान्यास कार्यक्रम का टेंट उड़ गया, जिससे कार्यक्रम बाधित हुआ।
मध्य प्रदेश में अलर्ट, बिजली गिरने से मौतें
मध्य प्रदेश के बैतूल और ग्वालियर में ओलावृष्टि हुई, जिससे सड़कों पर बर्फ जैसी परत जम गई। मौसम विभाग ने राज्य के 45 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। सिवनी और रीवा में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत की खबर है।
यूपी में आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। कानपुर में धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश हुई, जिससे जलभराव की स्थिति बनी। इसी दौरान एक बरगद का पेड़ ऑटो पर गिर गया, जिसमें चालक और एक महिला की मौत हो गई।
पंजाब में भी ओलों की सफेद चादर
पंजाब के पठानकोट, अमृतसर और मोगा में बारिश के साथ ओले गिरे। कई जगह सड़कों पर ओलों की सफेद परत दिखाई दी। जालंधर में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश दर्ज की गई।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। अटल टनल रोहतांग के पास बर्फबारी के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई। शिमला में भी ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है।
IMD का अलर्ट: तेज हवाएं और बारिश जारी रहेगी
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दिल्ली-NCR, हरियाणा, पश्चिमी यूपी और मध्य प्रदेश में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से करीब 1000 किलोमीटर लंबी बादलों की पट्टी बनी है, जिसके कारण व्यापक स्तर पर मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।